औरैया। आय-जाति प्रमाण पत्र बनवानेे के नाम पर न तो अब ठगी की जा सकेगी और न ही इसके लिए संबंधितों को परेशान होना पडे़गा। अपर जिलाधिकारी ने प्रमाण पत्रों को बनवाने में ठेकेदारी प्रथा पर पूरी तरह से अंकुश लगा दिया है। अब उक्त प्रमाण पत्र बनाने के लिए सरकारी कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे। इसके लिए तहसीलों में अतिरिक्त काउंटर खोले जाएंगे।
प्राय: जुलाई व अगस्त में आय-जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने की होड़ लग जाती है। इससे एकल खिड़की पर अव्यवस्था हावी हो जाती है। इसको ध्यान में रखते हुए अपर जिलाधिकारी लालमणि मिश्रा ने तहसीलदारों के साथ बैठक कर रणनीति तय कर ली है। एकल खिड़की पर हौचपौच न हो इसके लिए तहसील परिसर में अतिरिक्त काउंटर खोले जाएंगे। आवेदनकर्ताओं की संख्या के आधार पर इन काउंटरों को घटाया व बढ़ाया जा सकेगा। प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं को अनिवार्य आय-जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र समय से प्राप्त हो सकें, इसके लिए 10 मई से यह काउंटर कार्य करने लगेंगे। अपर जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओें एवं उनके अभिभावकों, खंड विकास अधिकारियों, बेसिक शिक्षाधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक से इस आशय की सूचना सभी शिक्षण संस्थानों में प्रसारित करने के निर्देश दिए हैं। एडीएम ने कहा कि इन काउंटरों पर आने वाले आवेदन पत्रों की जांच के बाद आवेदनकर्ता को एक सप्ताह के भीतर निशुल्क प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया जाएगा। यदि इस कार्य में किसी प्रकार की कोई भी लापरवाही मिलती है तो संबंधित कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।