दिबियापुर ( औरैया )। भारत विकास परिषद दिबियापुर के पदाधिकारियों ने जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले प्राचीन स्थलों पर सामूहिक भ्रमण कर स्थिति देखी। भ्रमण कर लौटे पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से मांग की कि पांच नदियों के संगम स्थल विश्व प्रसिद्ध पंचनद को पर्यटन स्थल बनाया जाए। पदाधिकारियों के अनुसार इसके लिए मुहिम छेड़ी जाएगी।
संस्था के पदाधिकारी भगवत स्वरूप विश्नोई ने पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण पंचनद को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने पर बल देते हुए कहा कि यहां पर दुर्लभ डाल्फिन सहित तमाम देशी विदेशी प्रजाति के पक्षी, घड़ियाल, मगरमच्छ व अन्य जलीय जीव रहते हैं। पर्यटन स्थल घोषित होने से इनका संरक्षण हो सकेगा। पास में ही स्थित कंजौसा स्थित मुकुंद वन मंदिर में तुलसीदास द्वारा प्रदत्त ब्रह्मवर्ती शंख आज भी सुरक्षित है। देखरेख के अभाव में प्राचीन मंदिर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। जुहीखा में यमुना नदी पर एवं पास ही क्वारीं नदी पर पुल बन जाने से पर्यटक स्थल तेजी से लोगों के बीच जगह बनाएगा। बताया कि पीडब्ल्यूडी ने यहां 70 लाख की लागत से गेस्ट हाउस को मंजूरी दे दी है। अश्वनी शर्मा, सुधीर दुबे, रामकुमार अवस्थी, नरेंद्र विश्नोई,. राघव मिश्रा, कप्तान सिंह, धर्मेंद्र कुमार, पुष्पेंद्र गुप्ता बिल्लू, मनोज दुबे, शुभम अवस्थी आदि रहे।