औरैया। सालों से मरम्मत के अभाव में यमुना पुल की सड़क जर्जर हो चुकी है। लोनिवि ने पांच दिन पहले पुल की जर्जर हालत देख ठीक कराने की आवश्यकता जताकर सेतु निगम को पत्र लिखा है लेकिन औरैया और उरई जिले के सेतु अधिकारी इसे एक दूसरे की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ने में लगे हैं।
शेरगढ़ घाट स्थित यमुना पुल की सड़क मरम्मत और देखरेख के अभाव में क्षतिग्रस्त होती जा रही है। इसके अभाव में पुल की सड़क में नौ गड्ढे बन गए हैं। इनमें पांच गड्ढों से दिख रही सरिया भारी वाहनों के लोड से टूट रही है। इस संबंध में पांच दिन पूर्व लोक निर्माण विभाग एक्सईएन देवेश कुमार ने पुल की स्थिति को देख आशंका जताई थी कि यदि एक माह में पुल की दशा पर ध्यान नहीं दिया गया तो पुल क्षतिग्रस्त हो सकता है। तब उन्होंने तत्काल सेतु निगम को पत्र लिख सुधार की जरूरत बताई थी। खास बात यह है कि पांच दिन बीतने के बाद भी अभी तक पुल की सड़क का न तो निरीक्षण किया गया और न ही उसे ठीक कराने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाए गए। इस संबंध में सेतु विभाग औरैया के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर आरयू खान ने बताया कि शेरगढ़ घाट यमुना पुल उनकी जद में नहीं आता। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी सेतु निगम इकाई उरई की है। इस बाबत जब उरई के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर अरुण कुमार से बात की तो उन्होंने भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कह दिया कि यह पुल उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आता। इसे इटावा इकाई के अधिकारी ही देखेंगे।