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जमीन की वरासत दर्ज करने में लापरवाही

Wed, 23 Oct 2013 05:40 AM IST
Auraiya
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औरैया। मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में भारतीय किसान यूनियन की मासिक पंचायत मेें किसानों ने चकबंदी निरस्त होने के बाद भी किसानों की जमीन की वरासत दर्ज नही की जा रही है। किसानों ने सेहुद ग्राम पंचायत के लेखपाल का स्थानांतरण हो जाने के बाद भी चार्ज न छोड़ने का विरोध किया। किसान नेताओं ने कहा स्थानांतरित लेखपाल से चार्ज लेने में जिला प्रशासन भी बौना साबित हो रहा है।
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मासिक पंचायत में किसानों को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष संतकुमार तिवारी ने जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत सेहुद की चकबंदी निरस्त होने के बाद भी किसानों कीभूमि की वरासत दर्ज न किए जाने पर तहसील प्रशासन की ढिलाई पर प्रहार किया। कहा जिला प्रशासन इ, पर नकेल कसने में नाकाम साबित हो रहा है। जिलाध्यक्ष श्री तिवारी ने 23 सितंबर को मौजा सेहुद के लेखपाल केशव कुमार के स्थानांतरण के बाद बाद भी चार्ज न छोडने का मुद्दा उठाते हुए कहा स्थानांतरण के बाद लेखपाल मौजे के अभिलेखों का दुरुपयोग करने में लगा हुआ है। प्रशासन भी उनके स्थान पर तबादले पर आए लेखपाल बीरेंद्र प्रजापति को चार्ज दिलाने मे ंबेबस साबित हो रहा है। संगठन के तहसील अध्यक्ष बिमल दुबे ने कहा कि चकबंदी निरस्त होेने के बाद भी मौजा सेहुद में चकबंदी जैसे ही हालात हैं। ग्राम सभा की भूमि कम हो ती जा रही है। साथ ही चकबंदी के दौरान किए गए पट्टों को कागजातों में निरस्त दर्शाकर बेचा जा रहा है। उन्होंने स्थानांतरित लेखपाल से चार्ज ने लिए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
मािसक पंचायत के बाद किसान नेताओं ने पांच सूत्रीय मांगपत्र डीएम को देकर किसानों की समस्याएं दूर करने की मांग की। मासिक पंचायत में रामबहादुर, रामचंद्र, रामआसरे, बालादीन, चुन्नीलाल, मानसिंह, प्रेमनारायण, उमाकांत, इस्लाम अली, नत्थू सिंह, लाखन सिंह, बनवारी लाल आदि किसान नेताओं ने संबोधित किया।
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