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जिला अस्पताल में उमड़े 865 मरीज, सभी वार्डों के बेड फुल

Mon, 16 Apr 2018 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
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दवा काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़ व जमीन पर बैठे मरीज - फोटो : amarujala
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औरैया।  एक दिन अवकाश के बाद सोमवार को खुले जिला अस्पताल में मरीजों की जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। सभी डॉक्टरों के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ थी। आलम ये था कि मरीजों को फर्श पर बैठकर या लेटे-लेटे अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। सभी वार्ड फुल रहे। एक मामले में एसडीएम सिटी, सीओ सिटी व एआरटीओ जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन इनकी निगाह अस्पताल में भीषण गर्मी से जूझ रहे मरीजों की ओर नहीं गई। अस्पताल में पंखे न चलते से मरीजों को बेहाल रहे ही डॉक्टरों को भी पसीना बहाना पड़ा।

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  सोमवार को जिला अस्पताल में पिछले दिनों की अपेक्षा पर्चा काउंटर पर 865 मरीजों के पर्चे बने। अस्पताल में पर्चा काउंटर हो या किसी डॉक्टर का कक्ष। सभी ओर मरीजों की भीड़ देखने को मिली। दवा काउंटर और अस्पताल की सीढ़ियों पर मरीज बैठे दिखे। यहां तक डॉक्टर के कक्ष के बाहर और दवा कक्ष के बाहर मरीज अपनी बारी का इंतजार करने के लिए फर्श पर बैठे या लेटे नजर आए। पर्चा काउंटर कर्मचारी ने बताया कि सोमवार को भीड़ देखने को मिलती है। लेकिन पिछले दिनों की अपेक्षा ज्यादा पर्चे बने।

मरीजों की भीड़ को देखते हुए डॉक्टरों ने तीन बजे तक मरीजों का परीक्षण किया। डॉ. जीपी गौतम ने बताया कि बढ़ते तापमान के चलते वायरल फीवर की चपेट में आने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। बताया कि उन्होंने आज 100 से अधिक बच्चों का परीक्षण किया। वहीं तीन बजे तक अन्य हर वर्ग के मरीजों की जांच की। जिसमें पाया गया कि भीषण गर्मी के चलते होने वाली संक्रामक बीमारियों से ग्रस्त हैं। बताया कि अधिकांश मरीजों को वार्ड में भर्ती कराया गया है। यही हाल अन्य डॉक्टर का भी रहा। मरीजों की हालत को देखते हुए उन्हें भर्ती करना पड़ा। यहां तक सभी वार्ड फुल होने पर मरीजों को दोपहर बाद बोतल चढ़वाने के लिए बेड मिला।
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नहीं चला जेनरेटर, भीषण गर्मी में बिलबिलाए मरीज व डॉक्टर
जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ अधिक थी। इधर अस्पताल में जेनरेटर न चलने से अस्पातल में मरीजों के साथ-साथ डॉक्टरों को भी पसीना बहाने को मजबूर होना पड़ा। वहीं बिजली व्यवस्था न होने के चलते पैथोलॉजी की जांच, एक्सरे भी नहीं हो सके। मरीजों को बिजली आने का इंतजार करना पड़ा या फिर बाहर का सहारा लेना पड़ा। खास बात ये रही कि एक मामले में एसडीएम सदर अमित राठौर, सीओ सिटी वंदना सिंह व एआरटीओ अस्पताल पहुंचे। लेकिन उन्होंने इस ओर गौर नहीं किया। हालांकि इन अधिकारियों को जहां बैठाया गया वहां पंखे की व्यवस्था थी। लेकिन वार्ड में पंखे नहीं चले। इस ओर इन अधिकारियों ने भी ध्यान नहीं दिया।
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