संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। परिषदीय स्कूलों की वार्षिक परीक्षाएं मार्च में प्रस्तावित हैं। वहीं 800 से ज्यादा शिक्षक बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी कर रहे हैं। ऐसे में निपुण भारत अभियान में पहले से ही खराब जिले की स्थिति में सुधार होते नजर नहीं आ रहा है।
परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को भाषा और गणित में निपुण बनाने के लिए शासन की ओर से निपुण भारत अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत शिक्षकों को कक्षा एक से तीन तक के छात्र-छात्राओं की निपुण बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिक्षकों को इसके लिए अभियान चलाकर प्रशिक्षित भी किया जाना है।
प्रत्येक महीने अभियान की सफलता के लिए छात्रों का आनलाइन मूल्यांकन किया जाता है। फरवरी का मूल्यांकन हुआ इसमें जिले की स्थिति ठीक नहीं रही। इसका कहीं न कहीं यही कारण बना कि शिक्षक दूसरे कार्यों में लगे रहे। परिषदीय स्कूलों के शिक्षक जिन पर छात्र-छात्राओं को निपुण बनाने की जिम्मेदारी हैं, 22 फरवरी से यूपी बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में लगे हैं।
जिले में पांच हजार के करीब शिक्षक हैं। इसमें से 800 के करीब शिक्षक बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में लगे हैं। 16 मार्च से परिषदीय स्कूलों में वार्षिक परीक्षा शुरू हो जाएगी। ऐसे में परिषदीय स्कूलों में परीक्षा की तैयारी जैसा माहौल बनना चाहिए। कई अहम शिक्षक न होने की स्थिति में बच्चों की वार्षिक परीक्षा व निपुण अभियान प्रभावित हो सकता है।
वर्जन
माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में सहयोग के लिए शासन और प्रशासन के निर्देश हैं। इसके तहत शिक्षकों को यूपी बोर्ड परीक्षा में लगाया गया है। शिक्षकों का अभाव निपुण अभियान न पड़े इसके लिए दूसरे शिक्षकों को जरूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
-अनिल कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी