शहर में 72 घंटे चल रही बिजली की आंख मिचौली से भीषण पेयजल संकट खड़ा हो गया है। लगातार बिजली न मिल पाने से नगर पालिका के ट्यूबवेल भी नहीं चल पा रहे हैं। इसके कारण पानी की टंकियां नहीं भर पा रही हैं। ऐसे में शहरवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरह रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने जिला मुख्यालयों पर 20 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश के बाद भी शहर में बीते 72 घंटों से बिजली की अघोषित कटौती से हालात बेकाबू हो गए हैं। रविवार को हालत और भी बदतर हो गए। 132 असैनी उप बिजली संस्थान में ट्रांसफार्मर की मरम्मत के चलते पूरे शहर की बिजली ठप हो गई। इसके साथ आसपास के बिजली केंद्रों की बिजली आपूर्ति ध्वस्त हो गई। वहीं दो दिन पहले शहर के नंबर एक बिजली केंद्र पर दस एमवीए की अर्थिंग जल जाने से पहले ही शहर के लोग बिजली से परेशान हैं। इसी बीच असैनी उप संस्थान से हुई कटौती ने आग में घी का काम किया।
बिजली की आंख मिचौली से पालिका की पानी की टंकियां भी नहीं भर पा रही हैं। पालिका एसआई ओंकार सिंह पटेल ने बताया कि बिजली की समस्या से ट्यूबवेल चल नहीं पा रहे हैं। जिससे शहर को पेयजलापूर्ति करने वाली पानी की टंकियां भर नहीं पा रही हैं। हालांकि व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। पानी की टंकियों से पानी छोड़ने के साथ ही बिजली आपूर्ति के दौरान ट्यूबवेल भी सीधे चालू कराकर पानी उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है।
शहर के बिजली केंद्र पर शुक्रवार रात अर्थिंग जल जाने से आपूर्ति बाधित हो गई थी। वहीं रविवार को असैनी के ट्रांसफार्मर में आई कमी के चलते सुधार का काम कराया जा रहा है। इससे आपूर्ति गड़बड़ा गई है। सोमवार से आपूर्ति ठीक होने की उम्मीद है।
शशिकांत मौर्य, जेई, सदर