केंद्र सरकार की आरएपीडीआरपी योजना के तहत कराए गए कामों का असर दिखना शुरू हो गया है। शहर की लड़खड़ाई बिजली व्यवस्था के लिए कैपिटल कंपनी के काम ही बाधक बन रहे हैं। ऐसे में कंपनी के कामों की जांच कराने की जगह उन्हें नए कामों का ठेका दिया जा रहा है। कंपनी अब दो करोड़ की लागत से कोर्ट परिसर में छोटे सब स्टेशन का निर्माण कराएगी।
आरएपीडीआरपी योजना के तहत ढाई साल पहले शहर में बिजली संतृप्तीकरण का ठेका कैपिटल कंपनी को दिया गया था। कंपनी ने काम की गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके चलते निर्माण के दौरान कई कमियां रह गईं थीं। विभागीय अधिकारियों की माने तो कंपनी के कर्मचारियों की ओर से की गई लापरवाही को ठीक कराए जाने के लिए कई बार कंपनी के अधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या को ठीक करने को कहा गया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजे की बात तो यह है कि मामले में जांच कराने के बजाय इस कंपनी को औरैया जिला जजी परिसर में सब स्टेशन निर्माण को हरी झंडी दे दी गई।
कंपनी की ओर से किए गए काम में बड़े ट्रांसफार्मरों की मानक विहीन अर्थिंग, मशीनों और लाइनों सहित स्विच यार्ड की टेस्टिंग, केंद्र के पीछे की निर्माणाधीन पड़ी दीवार, केंद्रों पर बंद पड़े लगाए गए कैपिस्टर बैंड आदि कई खामियां शामिल हैं।
शशिकांत मौर्या, जेई
कैपिटल कंपनी की ओर से आरएपीडीआरपी योजना में किए गए कामों में कई कमियां छोड़ी थी। जिससे समस्या खड़ी हो रही है। इस बावत कंपनी के अधिकारियों को पत्र लिखकर कमियां बता दी गई हैं। वहीं कोर्ट परिसर के लगभग दो करोड़ के प्रोजेक्ट को तभी शुुरू होने दिया जाएगा जब उक्त कंपनी शहर की जनता के लिए ढाई साल पहले किए गए काम की खामियां दूर कर देगी।
पंकज शर्मा, एक्सईएन, डिस्ट्रीब्यूशन