फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सहकारिता में औरैया की अनदेखी बनेगा चुनावी मुद्दा

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

औरैया। सहकारिता चुनाव में औरैया की अनदेखी मुद्दा बन गया है। जिले के गठन के 20 साल बाद भी औरैया में जिला सहकारी बैंक, जिला सहकारी संघ और जिला उपभोक्ता भंडार की स्थापना नहीं हो सकी है। औरैया आगमन पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पूर्व सहकारिता मंत्री शिवपाल सिंह यादव के सामने भी यह मुद्दा उठा। इतना ही नहीं सियासी मैदान में उतरे भाजपाई इसे सपा सरकार की अनदेखी का नतीजा बता रहे हैं। वे मतदाताओं को बैंक की स्थापना कराने का भरोसा भी दे रहे हैं।
औरैया को जिले का दर्जा 17 सितंबर 1997 को मिला। समाजवादी पार्टी के मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव के खास लगाव की वजह से यहां जिला सहकारी बैक खोलने की मांग हुई। लेकिन यह व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई है। यहां के किसानों को खाद और बीज के लिए इटावा पर निर्भर रहना पड़ता है। जिला बनने के बाद जिला सहकारी संघ व जिला उपभोक्ता भंडार की स्थापना के लिए भी समय- समय पर तत्कालीन मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिए जाते रहे हैं। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। ऐसे में औरैया के लोगों को इटावा का रास्ता नापना पड़ता है। जिले की समितियों को लेन-देन के लिए इटावा स्थित जिला सहकारी बैंक जाना पड़ता है। यहीं नहीं जिला उपभोक्ता भंडार न होने से जिले को आवंटित खाद और बीज भी इटावा स्थित रैक प्वाइंट पर उतारे जाते हैं। वहां से पहले इटावा की समितियों को वितरित होता है। इसके बाद औरैया का नंबर आता है। कई बार औरैया का हिस्सा कम भी कर दिया जाता है। इस कारण जिले के किसानों का समय से खाद-बीज उपलब्ध नहीं हो पाता है और निजी दुकानदारों से ज्यादा पैसे देकर खरीद करनी पड़ती है। जिले की यह स्थिति इसलिए भी चिंता का कारण है, क्योंकि यहां सपा सरकार के कार्यकाल में भी इस मुद्दे को दरकिनार कर दिया गया। सहकारिता में सबसे ज्यादा प्रभावशाली समाजवादी पार्टी है। बुधवार को यहां आए पूर्व सहकाािरता मंत्री शिवपाल सिंह यादव के सामने भी यह मुद्दा उठा और गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने भी। दोनों ने आश्वासन की घुट्टी पिलाई। दूसरी तरफ भाजपा इसे चुनावी मुद्दा बना चुकी है।
विज्ञापन


सहकारिता के क्षेत्र में हक दिलाने के होंगे प्रयास
सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख विश्वनाथ सिंह सेंगर का कहना है कि सहकारिता से जुड़ी समस्या को अगर सपा सरकार में उठाया गया होता तो शायद स्थिति कुछ और होती। फिर भी वह लोग प्रयास करेंगे की जिले को सहकारिता के क्षेत्र में उसका हक मिले। उनका यह भी कहना है कि जिले को आवंटित होने वाली खाद दिबियापुर स्थित पीसीएफ स्थित गोदाम में उतार जा रही है। इसके लिए तत्कालीन सपा सरकार में कबीना मंत्री शिवपाल सिंह ने दिशा निर्देश जारी किए थे।
विज्ञापन


सपा सरकार ने किया सौतेला व्यवहार 33
सहकारिता चुनाव के लिए प्रभारी बनाए गए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अजय सिंह चौहान का कहना है कि सपा की पांच वर्ष प्रदेश में सरकार रही। सपा नेता औरैया को अपना घर बताते थे, लेकिन इसके बाद भी यह इस क्षेत्र में पिछड़ा रहा। सपा ने जिले के साथ सौतेला व्यवहार किया। यह चुनाव वह इन्हीं मुद्दों को लेकर लड़ रहे हैं।

- सहकारिता चुनाव में मुद्दा बना औरैया की अनदेखी
- 20 साल में भी जिला सहकारी बैंक, जिला सहकारी संघ, जिला उपभोक्ता भंडार की नहीं हुई स्थापना
- शिवपाल के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आगमन से बढी सक्रियता
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें