औरैया। परिषदीय विद्यालयों में 91 स्कूल दूसरी जगह मर्ज हो गए। विलय से खाली हुए स्कूलों में कुछ स्कूल बाल वाटिका बन गए हैं तो कुछ को बाल वाटिका में संवारने की कवायद चल रही है। जिन्हें बाल वाटिका के रूप में संवार जा चुका है, वहां पर अब नौनिहालों की किलकारियां गूंजने लगी हैं।
जिले में 1265 परिषदीय स्कूल हैं। इन स्कूलों के युग्मन की कवायद नए शिक्षण सत्र से शुरू हो गई थी। एक अप्रैल को शुरू हुए नए शिक्षण सत्र के दौरान जिले में 199 स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी बनाई गई थी लेकिन दूरी व छात्र संख्या के आधार पर युग्मन के लिए चिह्नित स्कूलों की संख्या में लगातार गिरावट देखने को मिली। पांच माह बीत जाने के बाद अब यह आंकड़ा 91 स्कूलों तक आ पहुंचा है। 91 स्कूलों के बच्चों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट कर दिया गया है।
अब तक 66 परिषदीय स्कूलों के भवनों में बाल वाटिका भी खोल दी गई है। वहीं अन्य युग्मित स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र शिफ्ट करने का काम विभाग की ओर से कराया जा रहा है। बीएसए संजीव कुमार ने बताया कि 91 स्कूलों को मर्ज किया गया है। जहां पर आंगनबाड़ी केंद्र व बाल वाटिका बनाई जा रही है। युग्मन को लेकर फिर से रिवाइज किया जाएगा।
प्राथमिक स्कूल के लिए एक किमी का दायरा हुआ निर्धारित
प्राथमिक स्कूल में कक्षा एक से लेकर पांच तक के बच्चे पढ़ते हैं। इनके युग्मन को लेकर विभाग ने एक किमी से कम दूरी पर स्थित नजदीकी परिषदीय स्कूल में शिफ्ट करने की व्यवस्था अपनाई है। वहीं उच्च प्राथमिक स्कूल में कक्षा छह से आठ तक के बच्चे पढ़ते हैं। इसके लिए अधिकतम तीन किमी के दायरे का मानक तय किया गया है।