बिधूना। जिले के कस्बा उमरैन, एरवाकटरा और बिधूना दूसरे छोर पर बसे हैं, लेकिन यहां से जिला मुख्यालय और कचहरी तक पहुंचने के लिए एक भी सरकारी नहीं है। इससे लोगों को उमरैन से 65 किमी. की दूरी ऑटो के सहारे तय करनी पड़ रही है।
लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले एक रोडवेज बस चलती थी, लेकिन बाद ये बंद हो गई। यहां के लोग निजी या फिर डग्गामार वाहनों से सफर तय कर कलक्ट्रेट, विकास भवन और कचहरी पहुंचते हैं।
बिधूना कस्बे में बेशक, रोडवेज बस स्टेशन है, लेकिन यहां सर्वाधिक बसें कानपुर, इटावा रोड की ही चलती हैं। जबकि औरैया शहर, दिबियापुर और जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए कोई रोडवेज सेवा नहीं है।
कुछ माह पहले रोडवेज ने बरौनाकला से औरैया तक बस का संचालन किया था, लेकिन बाद में सवारियां न मिलने से घाटे का हवाला देकर उसे भी बंद कर दिया गया। अब बिधूना से मुख्यालय, कचहरी व चिचौली स्थित जिला अस्पताल जाने के लिए लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
ये ऑटो चालक सवारियों से मनमाना किराया तो वसूलते हैं, साथ ही क्षमता से अधिक सवारियां भी बिठाते हैं। इससे हर समय हादसे की संभावना बनी रहती है। कुछ दिन पहले ही एक ऑटो पलटने से तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है।
खास बात तो यह है कि एरवाकटरा, बिधूना, कुदरकोट व उमरैन आदि से औरैया न्यायालय को वादकारी, अधिवक्ता बड़ी संख्या में आते हैं, लेकिन सरकारी बस सेवा न होने की वजह से इन्हें प्राइवेट वाहनों का ही सहारा लेना पड़ता है।
इसी सप्ताह चलेगी बस
एआरएम औरैया अपर्णा मीनाक्षी ने बताया कि बरौनाकलां से औरैया चलने वाली बस किसी कारण बंद हो गई थी। इस बस को इसी सप्ताह चालू कराया जाएगा। इससे लोगों को दिक्कत नहीं होगी।