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12 साल से अनुदान सूची में नहीं लिया गया कोई स्कूल

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अमर उजाला ब्यूरो
उरई। सीनियर बेसिक शिक्षक संघ ने प्रांतीय आह्वान पर नौ सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को बीएसए कार्यालय में दो घंटे तक एक दिवसीय धरना दिया। इस दौरान नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री व बेसिक शिक्षामंत्री को संबोधित ज्ञापन बीएसए को दिया गया। वक्ताओं ने इस बात पर नाराजगी जताई कि 12 साल से किसी स्कूल को अनुदान सूची में शामिल नहीं किया है, जिससे शिक्षकों में नाराजगी है।


धरना सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष आशाराम पाल ने कहा कि वर्ष 2006 में एक हजार स्कूलों को अनुदान सूची में लिया गया था। इसके बाद कोई भी स्कूल अनुदानित नहीं किए गए हैं। इससे स्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों में सालों से स्कूल में पढ़ा रहे शिक्षक सेवानिवृत्ति के पड़ाव पर पहुंच गए हैं। लिहाजा सभी को अनुदान सूची में लेकर उनके मानदेय, सेवा शर्तों को लागू किया जाए।
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उन्होंने कहा कि इन अनुदानित स्कूलों में कार्यरत 357 बीएड धारी शिक्षकों को कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। जिला महामंत्री अरुण कुमार तिवारी ने कहा कि माध्यमिक स्कूलों की तर्ज पर बेसिक शिक्षकों के अनुदानित शिक्षकों से सामूहिक बीमा योजना के तहत कटौती की जाए। उन्होंने त्रिभाषा योजना को तत्काल बहाल करने की मांग की। कोषाध्यक्ष ब्रजेंद्र पाठक ने कहा कि यह धरना प्रदर्शन प्रांतीय आह्वान पर किया जा रहा है। संगठन को सही ढंग से संचालित करने के लिए सभी साथियों को तन, मन, धन से सहयोग करना होगा। धरना सभा में राजेश कुमार सिंह, विद्याराम, वीरेंद्र सिंह बबीना, मइयादीन, शिवशंकर सिंह परासन, ज्ञानेंद्र दुबे बरौदा, रवींद्र निरंजन, लालाराम अटल, गोविंद दास वर्मा, महावीर द्विवेदी, राजीव निरंजन, साधना गौतम, अंबरीश, जेपी सिंह, मेहरबान सिंह, अनिल बाथम, ओपी तिवारी, उपेंद्र शर्मा, योगेंद्र सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए।

-नौ सूत्रीय मांगों को लेकर बीएसए कार्यालय में दिया धरना
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