ककोर (औरैया)। दिबियापुर थाना क्षेत्र के ग्राम चपौली निवासी युवक कोर्ट का नोटिस हाथों में लिए मंगलवार को एआरटीओ कार्यालय पहुंचा लेकिन कोई सुनवाई न होने से वापस घर चला गया। पीड़ित ने बताया कि उसके पास एक ट्रैक्टर है, जिससे खेती का काम लिया जाता है। गत फरवरी माह में एआरटीओ कार्यालय के पीटीओ के द्वारा उनके ट्रैक्टर का चालान काट दिया गया। दो अन्य चार्ज के अलावा हेलमेट का न लगाने की धारा भी लगा दी गई।
बताया कि जानकारी उसे तब हुई जब उसके पास एक सप्ताह पहले कोर्ट से नोेटिस पहुंचा। तब से लेकर आज तक वह समस्या समाधान को इधर से उधर भटक रहा है लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। मंगलवार को एआरटीओ कार्यालय में भटक रहे ग्राम चपौली निवासी बेचेलाल के पुत्र उमेश ने बताया कि उसके पिता के नाम एक ट्रैक्टर है। 28 फरवरी 2018 को उनके ट्रैक्टर नंबर से पीटीओ विनय पांडेय ने एक चालान काट दिया।
ट्रैक्टर का चालान काटे जाने की उन्हें जानकारी ही नहीं हुई। एक सप्ताह पहले कोर्ट से पिता के नाम एक नोटिस पहुंचा। पीटीओ विनय पांडेय के हस्ताक्षर से उनके ट्रैक्टर के नंबर पर चालान जारी किए जाने की सूचना थी। संबंधित चालान में लगाए गए चार्ज में ट्रैक्टर चलाने वाले के पास ड्राइविंग लाइसेंस के न पाए जाने, कागजात न दिखा पाने के अलावा ड्राइवर के हेलमेट न पहनने का आरोप लगाया गया था।
पीड़ित ने बताया कि भाइयों में आपसी विवादों के चलते पिछले एक साल से ट्रैक्टर भी घर के बाहर खड़ा हुआ है। ऐसे में कैसे उसके ट्रैक्टर के नाम चालान काट दिया गया। इस संबंध में पीटीओ विनय पांडेय से जब बात की गई तो वह भी निरुत्तर हो गए। उमेश ने बताया कि यह एआरटीओ विभाग की घोर लापरवाही है। उसे बेवजह इधर से उधर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है।