औरैया। पिछले एक साल में अलग-अलग जगह से पुलिस को 56 लावारिस शव बरामद हुए। इसमें से 43 शवों की शिनाख्त अभी तक नहीं हो सकी है।
इनमें से अधिकांश हत्या के मामले हैं, लेकिन शिनाख्त न होने की वजह से इन मामलों की गुत्थी सुलझ ही नहीं पाई। यह मामले पुलिस के लिए पहेली बने हुए हैं।
जिले में पिछले एक साल में मिले 56 शवों में से सिर्फ 13 की पहचान हो सकी है। वहीं, लावारिस शवों को लेकर सोशल मीडिया से लेकर थाना कोतवाली स्तर पर सूचना भेजी गई, लेकिन ये लोग कौन और कहां के थे, उनकी पहचान नहीं हो सकी।
ऐसे में पुलिस ने 72 घंटे तक इंतजार के बाद लावारिस में उनका अंतिम संस्कार कर दिया। किसी का अंतिम संस्कार इटावा के रक्तदाता समूह ने कराया तो किसी का पुलिस ने कराया।
आंकड़ें बताते हैं कि सबसे ज्यादा मामले सदर कोतवाली के हैं, यहां 16 शव मिल चुके हैं। इनका विसरा सुरक्षित लिया गया है। वहीं शव से मिले कपड़े व अन्य सामान शिनाख्त के लिए थानों में सुरक्षित है। (संवाद)
केस-1
शव व हत्यारों की नहीं हुई पहचान
डेढ़ माह पहले 11 जून की रात एक युवक की हत्या कर एरवाकटरा के गांव रमपुरा से निकले बंबे की पुलिया पर फेंक दिया गया था। उस पर गले से लेकर सिर तक धारदार हथियार से हमला किया गया था। पुलिस को सीसीटीवी कैमरे में वहां से एक बाइक पर दो युवक जाते दिखे थे। शुक्रवार को 52 दिन बीत जाने के बाद भी उसकी पहचान नहीं हो सकी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अधिक खून बहने से मौत की पुष्टि हुई थी। पहचान न होने पर पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार करा दिया गया था।
केस-2
पटना नहर में मिला था युवक का शव
बेला थाना क्षेत्र में पटना नहर में नयापुरवा के पास करीब 18 वर्षीय युवक का पानी में उतराता मिला था। उसके गले में कपड़े का फंदा लगा था। उसे जलाने की भी कोशिश की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित करने के बाद शव का अंतिम संस्कार करवा दिया गया। पुलिस मामले में अभी तक न तो युवक की शिनाख्त करवा सकी और न ही हत्यारों का कुछ पता चला।
थाना कुल शव पहचान शिनाख्त नहीं
सदर कोतवाली 16 01 15
दिबियापुर 18 04 14
अजीतमल 06 00 06
फफूंद 01 00 01
अयाना 02 00 02
बिधूना 04 02 02
एरवाकटरा 02 00 02
बेला 02 01 01
अछल्दा 04 04 00
सहार 01 01 00
नोट: आंकड़े एक जुलाई 2024 से जुलाई 2025 तक के हैं।
इन शवों की पहचान के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। सोशल मीडिया से लेकर अन्य माध्यम से आसपास जनपद से लेकर दूसरे प्रदेश तक संपर्क किया जा रहा है।-अभिजित आर शंकर, एसपी