कालपी। लोकनिर्माण विभाग के निरीक्षण गृह में पर्यटन विभाग के झांसी चित्रकूट मंडल के डिप्टी डायरेक्टर आरके रावत ने नागरिकों से कालपी के पर्यटक स्थलों के इतिहास के बारे में जानकारी ली और उनके जीर्णोद्धार पर चर्चा की। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही कालपी के पर्यटन स्थलों का कायाकल्प होगा। इससे क्षेत्र का भी विकास होगा।
बता दें कि वर्षों से कालपी को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग की जा रही है। शुक्रवार को कालपी में पर्यटन की संभावनाएं तलाशने आए पर्यटन विभाग के झांसी चित्रकूट मंडल के डिप्टी डायरेक्टर आरके रावत ने कालपी के कुछ पर्यटन प्रेमियों से मुलाकात की।
नवोदय कालप्रिय संस्था के हर्षित खन्ना, समाजसेवी अरविंद शुक्ला आदि ने उन्हें कालपी के व्यास क्षेत्र, सूर्य मंदिर मदरालालपुर, किला परिसर, रानी का मंत्रणा कक्ष, स्थानीय पचपिंडा देवी मंदिर आदि के इतिहास के बारे में विस्तार से बताया।
व्यास क्षेत्र तक संपर्क मार्ग और लाइटिंग की व्यवस्था, पचपिंडा मंदिर में स्थित परिसर का सुंदरीकरण, रानी के मंत्रणा कक्ष के किले की दीवार बनवाकर संरक्षण, कालपी तहसील परिसर स्थित पर्यटन विभाग के रैन बसेरा को खोलने, कालपी के घाटों में मूलभूत सुविधाओं के विकास पर चर्चा हुई।
इसके अलावा सूर्य मंदिर मदरालालपुर के पुरातात्विक संरक्षण व भौगोलिक सर्वेक्षण को लेकर भी चर्चा की गई । पर्यटन प्रेमियों ने अधिकारियों को बताया कि कालपी ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्व की नगरी है यदि सभी आयामों में कालपी का विकास हो जाए तो कालपी राष्ट्रीय महत्व के स्थल के रूप में विकसित हो सकती है।
डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि पर्यटन विभाग की ओर से कालपी के विकास का खाका खींचा जा रहा है। इस दौरान राजेंद्र शुक्ल, अरविंद शुक्ल, भगवान दास खटिक, रामबाबू सहित कई पर्यटन प्रेमी मौजूद रहे।