फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Auraiya News: दिलीप हत्याकांड में कोर्ट में दाखिल होगी 500 पन्नों की चार्जशीट

Fri, 13 Jun 2025 11:52 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
विज्ञापन
मृतक दिलीप यादव।  - फोटो : संवाद
विज्ञापन
औरैया। हाइड्रा कारोबारी दिलीप हत्याकांड में पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल करेगी। अभियोजन कार्यालय में परीक्षण के बाद 16-17 जून को चार्जशीट पेश होने की संभावना है।
विज्ञापन

बता दें कि कारोबारी की हत्या उसकी शादी के 15वें दिन उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर करवा दी थी। इसमें हत्या की सुपारी लेने वाले कई अन्य लोग भी शामिल थे।
मैनपुरी जनपद के निवासी दिलीप यादव दिबियापुर में हाइड्रा मशीन का कारोबार करता था। उसकी शादी पांच मार्च को सियापुर गांव निवासी प्रगति के साथ हुई थी। शादी के बाद 19 मार्च को सहार थाना क्षेत्र में पटना नहर पुल के किनारे कुछ लोगों ने दिलीप पर हमला करते हुए उसे मरणासन्न कर दिया था। उपचार के दौरान दिलीप की मौत हो गई थी।
विज्ञापन

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिलीप को गोली मारे जाने की पुष्टि हुई थी। साथ ही उसके शरीर पर चोट के कई निशान मिले थे। साक्ष्य जुटाने में दिलीप की पत्नी प्रगति व उसके प्रेमी अनुराग द्वारा शूटरों के जरिए दिलीप की हत्या करवाए जाने का मामला प्रकाश में आया था। इस मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी प्रगति, प्रेमी अनुराग व हिस्ट्रीशीटर रामजी नागर को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में शूटर रामजी नागर ने घटना को अंजाम देने के लिए चमरौआ प्रधान रामू यादव का नाम सुपारी की रकम पहुंचाने के संबंध में लिया था। चमरौआ निवासी राहुल यादव का नाम भी सामने आया था, हालांकि पुलिस के हाथ साक्ष्य नहीं लगे।
थानाध्यक्ष सहार पंकज मिश्रा ने बताया कि दिलीप हत्याकांड के मामले में अब न्यायालय में चार्जशीट पहुंचाने का काम अंतिम दिन चरण में है। चार्जशीट का परीक्षण किया जा रहा है। एक-दो दिन में 500 पन्नों की चार्जशीट न्यायालय में पेश कर दी जाएगी।

चमरौआ प्रधान को पहुंचानी थी सुपारी की रकम
मामले में प्रगति के प्रेमी अनुराग यादव ने अपने मौसेरे भाई रामू यादव व उसके छोटे भाई दुर्लभ यादव, शिवम यादव व रामजी नागर के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।
हालांकि जिस दिन प्रगति, अनुराग व रामजी नागर की पुलिस ने गिरफ्तारी की थी, उस दिन चमरौआ प्रधान रामू यादव सुपारी का पैसा देने पहुंचने वाला था, लेकिन पुलिस की भनक लगने पर वह मौके पर नहीं पहुंचा था।
इस मामले में प्रगति, अनुराग व शूटर रामजी नागर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस घटना में शामिल आरोपी दुर्लभ व शिवम यादव को मुठभेड़ में दबोचा था। आरोपियों के पास से तमंचे भी बरामद हुए थे।
फरार रामू प्रधान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कुर्की की तैयारी में जुटी थी। इसी बीच 29 मई को चमरौआ प्रधान ने सीजेएस निधि सिसौदिया के न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें