औरैया। माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2024 की बोर्ड परीक्षा में डिबार किए गए प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्थापक नहीं बनाया जाएगा। उनके स्थान पर राजकीय एवं एडेड विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर 50 फीसदी स्टाफ दूसरे विद्यालयों का रखा जाएगा।
प्रधानाचार्यों के अभाव में इन विद्यालयों के वरिष्ठ अध्यापकों को केंद्र व्यवस्थापक के रूप में तैनात किया जाएगा। इसके अलावा परीक्षा केंद्र पर एक बाह्य केंद्र व्यवस्थापक को भी तैनाती दी जाएगी। प्रत्येक केंद्र पर पारदर्शी व नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए 50 फीसदी स्टाफ दूसरे विद्यालयों का रखा जाएगा। जिससे कि स्कूल स्तर पर बरती जाने वाली नकल को लेकर ढिलाई पर पूरी तरह से अंकुश लग सके।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से बोर्ड परीक्षा को लेकर जारी किए गए निर्देशों में सीधे तौर पर सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। इन सावधानियों में केंद्र व्यवस्थापक, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षकों से संबंधित डाटा को केंद्र निर्धारित होने से पूर्व विद्यालय के पोर्टल पर ऑनलाइन फीड कराना अनिवार्य है। इसके अलावा बेसिक के शिक्षकों का भी डाटा फीड कराना अनिवार्य है। जिससे कि समय से स्टाफ की शत प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
बोर्ड परीक्षा में नकल माफियाओं का सिंडीकेट किसी तरह से हावी न हो पाए इसे लेकर कई प्रावधान किए गए हैं। जिसे लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से लागू किया गया है। किसी भी स्थिति में इन नियमों को लागू रखा जाएगा। समय से स्टाफ की जानकारी विभाग की वेबसाइट पर दर्ज हो जाए इसे लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। - एसपी यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक