औरैया। ककोर क्षेत्र के गांव हरी का पुर्वा में डायरिया फैला है। दो दिन में दो दर्जन से अधिक लोग चपेट में आ गए हैं। वहीं विकलांग पवन (18) की रविवार को मौत होने से गांव में कोहराम मच है। सोमवार को जब अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की तब विभाग की नींद खुली। स्वास्थ्य टीम ने गांव जाकर मरीजों का परीक्षण किया और दवाइयां बांटी।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद संक्रामक रोग नियंत्रक विभाग के प्रभारी डा.वेद प्रकाश गुप्ता अपनी टीम के डा. महेश व विनोद कुमार को लेकर गांव पहुंचे। जांच में टीम को 46 लोग डायरिया की चपेट में मिले।
नंदनी(8) पुत्र श्याम सिंह, रीतेश(15) पुत्र दिनेश, निशा (9) पुत्र दिनेश, ईशू (8) आनंद, नेहा(12) पुत्री राधेश्याम, गौरव(17) पुत्र राजेश, लाखन सिंह(60) पुत्र लज्जाराम, मीरा(18) पुत्री शिवकुमार, रामबिटोली(50)पत्नी शिवकुमार, राहुल(12)पुत्र रामस्वरुप, रंजू(16) पुत्री राजेश कुमार, सत्यम(13) पुत्र उधल, नंदनी(8) पुत्री श्याम सिंह, सौरभ(16) पुत्र श्याम सिंह, पूजा(21) पत्नी दीपू, शिवानी(7) पुत्री प्रमोद, साधना(4) पुत्री प्रमोद, संध्या(3) पुत्री प्रमोद, रीता(2) पुत्री प्रमोद, नितिन(4) पुत्र पुष्कर, सोनाली(5) पुत्र अखिलेश, आदित्य(4) पुत्र अरविंद, महसूम(3) पुत्र नीरज, अदिति(2) पुत्र अरविंद व प्रमोद की चार पुत्रियां साधना(6), शिवानी(7), संध्या(5), रीता(2) के अलावा अन्य कई चारपाई पर बीमार मिले।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 46 लोगो का परीक्षण कर दवाइयां बांटी। वहीं डा. वेदप्रकाश गुप्ता ने ग्रामीणों को संक्रामक रोग से बचाव के तरीके भी बताए।