औरैया। हाईवे से लेकर सड़कों तक अनफिट वाहन फर्राटा भर रहे हैं। इससे सड़कों पर चलने के दौरान लोगों की जान सांसत में रहती है।
हैरत की बात तो यह है कि नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करने वाले ही अपने वाहनों की फिटनेस करवाने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वर्तमान में जिले में 42 अनफिट सरकारी वाहन फर्राटा भर रहे हैं।
परिवहन विभाग ने अब संबंधित अधिकारियों को वाहन फिटनेस करवाने के लिए नोटिस भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। सड़क पर चलने के दौरान नियमों की अनदेखी, सड़क व वाहन की स्थिति खराब होने के चलते हादसे हो जाते हैं।
इनसे बचने के लिए परिवहन विभाग के साथ अन्य विभाग जोर-शोर से अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करते हैं, मगर खुद ही उन बातों को भूल जाते हैं। वहीं कुछ एंबुलेंस भी अनफिट हैं। इन अनफिट एंबुलेंस से अस्पताल आने-जाने का सफर तय करने के दौरान हादसा होने की संभावना बनी रहती है।
लोगों का कहना है कि जनता के वाहनों पर तो परिवहन विभाग का हंटर चलता रहता है मगर सरकारी वाहनों पर कार्रवाई में जिम्मेदार भी किनारा करते दिखते हैं। बीते 18 मार्च को बिधूना तहसीलदार जितेश वर्मा के वाहन से ककोर बुजुर्ग के पास हादसा हो गया।
हादसे में सड़क पार कर रहे हरि का पुर्वा निवासी सनी (12 ) पुत्र रंजीत कुमार की जान चली गई। उसकी बहन और मां घायल हो गईं। जांच में तहसीलदार का वाहन अनफिट निकलने पर परिवहन विभाग की नींद टूटी और सरकारी वाहनों की फिटनेस की जांच शुरू की गई।
इस संबंध में एआरटीओ सुदेश तिवारी ने बताया कि जिले में 317 सरकारी वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से 11 एंबुलेंस व 31 अन्य सरकारी वाहन अनफिट निकले हैं। संबंधित अधिकारियों को वाहन की फिटनेस करवाने के लिए नोटिस भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बैठक कर अभियान चलाने के दिए थे निर्देश
सड़क हादसे में जान जाने के आंकड़े बढ़ने पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने दो मार्च को बैठक कर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने सभी जिलों में एक सप्ताह तक लोगों को यातायात नियमों को लेकर जागरूक करने का अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। वहीं, जिले में भी अधिकारियों ने अभियान तो चलाया, लेकिन कुछ अधिकारियों ने इसका पालन नहीं किया।