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Auraiya News: कागजों में खरीदा 3900 क्विंटल धान, ग्रामीणों बोले नहीं आया एक भी दाना

Mon, 02 Feb 2026 11:40 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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फोटो-42-केंद्र पर लगा बैनर और मौजूद किसान। संवाद
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एरवाकटरा (औरैया)। धान खरीद केंद्र के लिए गांव वैवाह स्थित सहकारी समिति सराय शीशग्रान पर पीसीएफ का क्रय केंद्र खोला गया था। एक नवंबर 2025 से यहां खरीद का दावा किया जा रहा है।
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अब तक 3900 क्विंटल से ज्यादा की खरीद कागजों में दर्ज है, लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि वहां एक दाना भी नहीं खरीदा गया। विकास खंड एरवाकटरा की सराय शीशग्रान समिति पर अभिलेखों के अनुसार 3900 क्विंटल से अधिक धान खरीदा जा चुका है। यह धान 55 किसानों से खरीदा गया है। इसका भुगतान भी हो चुका है। ऐसे में अब चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
गांव में समिति के आसपास ही रहने वाले ग्रामीणों ने खरीद पर सवाल खड़े कर दिए हैं। केंद्र के ठीक सामने रहने वाले राजन, रामवीर, लता देवी, रामफल, गुड्डी देवी, वीर सिंह, रामकृष्ण, मुकेश बाबू ने बताया कि केंद्र पर एक दाने की भी खरीद नहीं हुई। हालांकि उन्होंने बीते सीजन गेहूं खरीद होने की पुष्टि की।
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सोमवार को केंद्र पर पहुंचे नगला लालजू निवासी किसानों ने भी बार-बार आने के बाद भी उनकी खरीद न किए जाने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र पर धान खरीद न करके फर्जी खरीद दिखाई गई है। आखिर यह कैसे संभव है कि अगर धान खरीद हो और आसपास रहने वाले किसी भी ग्रामीण ने कभी केंद्र पर धान ही पड़ा न देखा हो। जिम्मेदारों के पास भी इसका कोई जवाब नहीं है। अभिलेखों की अगर बात करें तो 55 किसानों से कुल 3903 क्विंटल के करीब धान अब तक खरीदा जा चुका है। इसके लिए 93 लाख रुपये का भुगतान निर्धारित एमएसपी 2369 रुपये व 2389 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किया जा चुका है।
सोमवार को केंद्र पर केंद्र प्रभारी मौजूद नहीं मिले और मौके पर न तो कोई धान पड़ा था और न ही तौल किया धान रखा मिला। कुछ लोग मौजूद थे, जिन्होंने केंद्र प्रभारी सुभाष यादव को ही जानकारी होने की बात कही। सुभाष यादव से जब फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने खरीद होने की बात कहते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया।

कीमतों के चलते फर्जीवाड़े की आशंका प्रबल
इस बार मंडी में धान की कीमतें एमएसपी से काफी कम रहीं। मंडी में जहां 1200 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक अधिकतम धान की कीमत मिली तो वहीं एमएसपी 2369 रुपये और 2389 रुपये प्रति क्विंटल रही। यही कारण रहा कि इस बार फर्जीवाड़े की आशंका और ज्यादा प्रबल हो गई है।

इटावा के किसानों से हुई खरीद
जिन 55 किसानों से सराय शीशग्रान स्थित क्रय केंद्र पर धान खरीदा गया है, उनमें बड़ी संख्या में किसान इटावा के भरथना व अन्य गांवों के हैं। इसका भी केंद्र प्रभारी के पास कोई जवाब नहीं है। हालांकि जिला खाद्य विपणन अधिकारी ब्रजेश कुमार यादव ने बताया कि अगर इटावा निवासी किसानों की जमीन बिधूना तहसील क्षेत्र में है तो किसानों से खरीद की जा सकती है। अगर कहीं गड़बड़ी हुई तो उसकी जानकारी कराई जाएगी।

किसानों की बात
कई बार धान बेचने के लिए बात करने केंद्र पर आया, लेकिन हर बार सचिव ने कोई न कोई बहाना बनाकर लौटा दिया। केंद्र पर अब तक कोई खरीद नहीं की गई है। खरीद के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया है, इसकी जांच होनी चाहिए।
-सुखवीर सिंह, नगला लालजू

बार-बार केंद्र के चक्कर लगाने के बाद भी किसी किसान का एक बोरा धान तक नहीं खरीदा गया। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में खरीदा कैसे और कहां हुई इसकी जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों को भी धान खरीद की जानकारी नहीं है।
-विमलेश, नगला लालजू।

क्या बोले जिम्मेदार
सराय शीशग्रान स्थित क्रय केंद्र पर धान की खरीद किए जाने की रिपोर्ट देखी है। अगर खरीद नहीं हुई है और ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी। इटावा के किसानों की जहां तक बात है तो अगर उनकी जमीन बिधूना तहसील में है तो ही खरीद की जा सकती है। इसकी भी जांच की जाएगी।
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-प्रमोद कुमार, जिला प्रबंधक पीसीएफ

मामले की जानकारी की जाएगी। अगर खरीद में गड़बड़ी हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। पीसीएफ के अधिकारियों को भी इस संबंध में सूचित किया जाएगा।
-ब्रजेश कुमार यादव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।

फोटो-42-केंद्र पर लगा बैनर और मौजूद किसान। संवाद

फोटो-42-केंद्र पर लगा बैनर और मौजूद किसान। संवाद

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