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लहरापुर कांड के दबंग आरोपियों की नहीं हो सकी गिरफ्तारी

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औरैया। लहरापुर सुसाइड कांड के 20 दिन बाद भी दबंगों को गिरफ्तार नहीं किया गया। इससे पूरा परिवार दहशत में है। पीड़िता का कहना है कि सहायल थाने में मुकदमा दर्ज कराने के बावजूद पुलिस अब तक दबंगों को गिरफ्तार करने में सफल नहीं हो पाई है।
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29 अक्तूबर की रात दबंगों से पीड़ित दिवरी लहरापुर के दिव्यांग मिठाई विक्रेता राममोहन गुप्ता पुत्र नाथूराम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सुसाइट नोट में उसने दबंगों की प्रताड़ना का जिक्र भी किया था। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने औरैया-रसूलाबाद मार्ग जाम कर दबंगों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। इस दौरान मृतक राममोहन गुप्ता के साढ़ू को पुलिस के तमाचा मारने पर वहां बवाल हो गया था।

पुलिस और ग्रामीणों में घंटों लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले। पुलिस ने कई राउंड हवाई फायरिंग कर भीड़ को भगाया था। घटना के बाद से दिव्यांग राममोहन की पत्नी सुषमा और उसके दोनों छोटे बच्चे बहुत डरे हुए हैं। सुषमा ने बताया कि उसने कई बार जनपद बड़े अधिकारियों को अपनी व्यथा सुनाई पर कुछ नहीं हुआ। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। अभियुक्त खुलेआम घूम रहे हैं उनको गिरफ्तार भी नहीं किया जा रहा है।
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सुसाइड नोट को झूठा बताया जा रहा है। घर में वृद्ध ससुर हैं। उनका भी स्वास्थ्य खराब रहता है। सहायल पुलिस के अनुसार, मामले की छानबीन की जा रही है। बैंक और पोस्ट ऑफिस में हस्ताक्षरों का मिलान सुसाइड नोट से किया जा रहा है।
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