औरैया। सड़क सुरक्षा अभियान के तहत जिले भर में आम जनता को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया जा रहा है। जिले में 272 सरकारी वाहन ऐसे हैं, जो बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के फर्राटा भर नियमों को धता बता रहे हैं। शासन ने इन पर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए तो हड़कंप मच गया।
जिले में पुलिस, राजस्व विभाग, वन विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग के 272 ऐसे वाहनों को चिह्नित कर शासन से सूची भेजी गई है, जिनके पास वर्षों से प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं है। इन सरकारी वाहनों में ब्लॉक और थाना स्तर के अधिकारियों से लेकर जिले के आला अफसरों तक के सरकारी वाहन शामिल हैं।
नियम के मुताबिक, बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र कोई भी वाहन भले ही वह सरकारी क्यों न हो, सड़क पर नहीं दौड़ सकता। इसके बावजूद कई सरकारी वाहन बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के ही दौड़ रहे हैं। यह बात शासन स्तर पर हुई समीक्षा में निकल कर सामने आई है।
अपर परिवहन आयुक्त (आईटी) देवेंद्र कुमार त्रिपाठी ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अशोक कुमार को पत्र भेज ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से खलबली मच गई है। भेजी गई सूची में सबसे ज्यादा वाहन पुलिस महकमे के हैं। इसके बाद राजस्व, ग्राम्य विकास, वन व स्वास्थ्य विभाग के वाहन शामिल हैं। इनमें से कई गाड़ियां शासन स्तर पर उच्चाधिकारी इस्तेमाल कर रहे हैं।
एआरटीओ अशोक कुमार ने बताया कि शासन से आदेश मिला है, जिसमें 272 ऐसे सरकारी वाहन बताए गए हैं, जिनके पास प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं है। शासन इसे लेकर सख्त है। चिह्नित किए गए वाहनों को लेकर सभी विभागों को शासन के आदेश का हवाला देते हुए नोटिस जारी की गई है। इसके साथ ही प्रदूषण मुक्त प्रमाण पत्र भी मांगा गया है।
प्रतिवर्ष बनवाना होता है प्रदूषण प्रमाणपत्र
परिवहन विभाग के नियम के मुताबिक, जिले में चलने वाले सभी सरकारी व निजी वाहनों को प्रतिवर्ष प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाना होता है। इसके बाद भी सरकारी महकमे में लगे वाहन और अफसर इसकी अनदेखी करते चले आ रहे हैं। अब शिकंजा कसा तो कागजी कार्रवाई पूरी करने में अफसर जुट गए हैं।
10 हजार जुर्माने का प्रावधान
निजी या सरकारी वाहन के प्रदूषण प्रमाणपत्र के बिना वाहन चलते पाए जाने पर 10 हजार जुर्माने का प्रावधान है। पीटीओ रेहाना बानो ने बताया कि शासन से आदेश मिलने के बाद जिला उद्यान अधिकारी, एक एंबुलेंस, गेल के एक अधिकारी की गाड़ी का चालान किया गया है। आगे भी इसे लेकर कार्रवाई चलती रहेगी।