फर्राटा भर रही है रोडवेज कलर की नकली बसें
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रोडवेज कर्मचारियों ने 27 अक्टूबर की मध्य रात्रि से एक दिवसीय चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। इससे त्योहार पर यात्रियों को खासी परेशानी होगी। प्रांतीय नेताओं के आह्वान पर मंगलवार की देर शाम रोडवेज परिसर में कर्मचारियों ने बैठकर चक्का जाम की रणनीति बनाई। इसकी जानकारी विभाग के अधिकारियों को दे दी गई है।
देर शाम लगभग साढ़े सात बजे रोडवेज परिसर में उत्तर प्रदेश कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक हुई। संगठन के जिलाध्यक्ष आरएन दुबे ने बताया कि संगठन के प्रांतीय नेताओं ने 27 अक्टूबर की मध्य रात्रि से चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी को एकजुट होना होगा। चालक 27 अक्टूबर की रात 12 बजते ही बसाें को जहां की तहां रोक देंगे। चक्का जाम से प्रदेश सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराना है। इससे कि मांगें पूरी हो सकें।
जिला मंत्री धर्मेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि संगठन के प्रांतीय नेता रोडवेज कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए 14 सूत्री मांगों को पूरा कराने का प्रयास कर रहे हैं। प्रांतीय नेताओं ने प्रदेश सरकार के मंत्रियों से कई बार बैठकें कीं। प्रदर्शन की चेतावनी भी दी। हर बार आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया गया। इस बार हर हाल में चक्का जाम करने का फैसला लिया गया। सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया तो एक दिवसीय हड़ताल को बढ़ाया भी जा सकता है। बैठक में मोहम्मद इस्माइल, पीके दीक्षित, संजीव त्रिपाठी, सुनील त्रिपाठी, शमशुल खां, अरुण सोनी, नितिन दीक्षित, दीपक शर्मा, लालमन समेत सभी रोडवेज कर्मचारी मौजूद रहे।