फफूंद (औरैया)। ब्लाक सभागार भाग्यनगर में बेसिक शिक्षकों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ अन्य विभागों के कर्मचारियों की बैठक हुई। बैठक में दस फरवरी से 28 फरवरी तक चलने वाले संचारी रोग नियंत्रण पखवारे के विषय में जानकारी दी गई। इस मौके पर बीडीओ व प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक सहित आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, कृषि व पशुपालन विभाग से आए लोगों ने संचारी रोगों पर रोकथाम के उपाय बताए।
शुक्रवार को ब्लॉक सभागार में दिबियापुर केंद्र अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि संचारी रोग जैसे मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, जेई, मस्तिष्क ज्वर एवं चिकनगुनिया प्राय: मच्छरों के काटने, अशुद्ध पेयजल के सेवन, जलभराव, खुले में शौच, नालियों में जल प्रवाह रुकने एवं कूड़े-कचरे का निस्तारण प्रतिदिन न होने से होते हैं। इसमें सबसे खतरनाक रोग जापानी इंसेफेलाइटिस है। यह फिलहाल अपने जनपद में नहीं है पर बगल के जनपद कानपुर देहात में इसके मरीज पाए गए। उन्होंने शिक्षकों को प्रार्थना स्थल पर छात्रों को जागरूक करने, विद्यालय व गांव में सफाई जागरुकता अभियान चलाने व शुद्ध पेयजल का इंतजाम करने और बच्चों को स्वच्छता किट की जानकारी देने को कहा। शिक्षकों को ऐसे बच्चों पर नजर रखने को कहा जो कि बीमार रहते हैं।
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी गांव में गंदगी दूर रखने के लिए सहयोग करने के लिए कहा गया। बीडीओ शांति यादव ने कहा कि शिक्षक खराब हैंडपंपों की सूचना दें, जिन्हें ब्लॉक स्तर पर जल्द दुरुस्त करा लिया जाएगा। इस दौरान शिक्षकों ने नहीं आ रहे सफाईकर्मियों की लापरवाही बताई तो बीडीओ ने आश्वासन दिया कि सफाई कर्मियों की भी ड्यूटी अन्य जगहों से हटाकर गांव और विद्यालयों को नित्य साफ करने के लिए लगाई जाएगी। इस मौके पर बाल विकास परियोजना अधिकारी पुष्पा शुक्ला, एडीओ पंचायत सुरेश बाबू, एडीओ सर्वेश कुमार, रवि, अश्वनी कुमार, ब्रजेन्द्र सिंह राठौर, जाकिर अहमद ने भी जानकारी दी।
-10 फरवरी से 28 फरवरी तक चलेगा संचारी रोग नियंत्रण पखवारा
-बेसिक शिक्षक भी निभाएंगे अहम भूमिका
- ग्रामीणों और बच्चों को करेंगे जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो