औरैया। आखिरकार अपनों का दिल पसीजा और वृद्धाश्रम से वे बुजुर्ग इंद्रपाल को घर ले गए। इस तरह समाजसेवियों की पहल को रविवार को मुकाम हासिल हो गया।
एटा जिले से कड़ाके की सर्दी में बुजुर्ग इंद्रपाल सिंह (62) औरैया भटकते भटकते औरैया पहुंचे थे। उनका कहना था कि वह बेटे और बहू के व्यवहार से क्षुब्ध होकर यहां आ गए हैं। औरैया-दिबियापुर रोड में घायल वृद्ध को देख राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम विश्नोई ने बुजुर्ग का हालचाल लिया और पुलिस की सहायता से जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस बात को ‘अमर उजाला’ ने 13 जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया।
इस पर अफसरों ने बुजुर्ग की सुध ली। एसडीएम सदर अनुपम शुक्ला ने टीम भेजी। नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री देवी ने वृद्धाश्रम में दाखिला के लिए पत्र लिखा। इस पर रविवार को प्रशासन की टीम और मानवाधिकार सुरक्षा संस्थान के लोगों ने बुजुर्ग को वृद्धाश्रम में भर्ती कराया। उधर, खबर छपने के बाद वृद्ध के परिजनों को भी गलती का अहसास हुआ। देर शाम वे वृद्धाश्रम से उन्हें मनाकर अपने साथ घर ले गए।
राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संस्थान व वृद्ध ने ‘अमर उजाला’ को धन्यवाद दिया। शिवम विश्नोई ने बताया कि समाचार प्रकाशित होने के बाद रविवार की देर शाम बुजुर्ग के भाई प्रेमपाल व बड़ा पुत्र शानू ने वृद्धाश्रम में आकर गलती मानी। इस दौरान वृद्ध की ओर से बड़ी पुत्रवधू द्वारा मारपीट किए जाने के चलते उनके साथ न रहने की भी शर्त रखी। बताया कि इस पर राजी होने के बाद वह परिजनों के साथ खुशी-खुशी अपने घर की तरफ रवाना हुए। इस दौरान संस्थान के पदाधिकारी मोहित शुक्ला, अंकुम सिंह, संभव बरसईंयां, ब्रजेश बंधु आदि लोग मौजूद रहे।
-राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संस्थान के सहयोग से वृद्ध को मिली परिजनों की छाया
अमर उजाला ब्यूरो