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ताबड़तोड़ घटनाएं पुलिस के लिए चुनौती

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उरई। जिले में लूट, हत्या और डकैती की घटनाएं तेजी से बढ़ गई हैं। पुलिस कप्तान को भी आए अभी 15 दिन ही आए हुए हैं। बैंक लूट के बाद ही सराफ हरीओम सोनी की हत्या हो गई। उसके बाद रामपुर में वकील के घर डाका पड़ गया। पुलिस घटनाओं के बाद अपराधियों को पकड़ने के बाद उनको झुठलाने पर ही लगी रही। पुलिस की लापरवाही से लोगों में नाराजगी है। पुलिस कप्तान की सख्ती भी नजर नहीं आ रही है।
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21 जुलाई को नकाबपोश बदमाशों ने दिनदहाड़े राजेंद्र नगर स्थित सेंट्रल बैंक शाखा में ताबड़तोड़ बमबाजी कर सवा पांच लाख रुपये लूट लिए। इसका भी खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। यह हाल तब है, जब एडीजी ने तीन दिनों में घटना के खुलासे के निर्देश दिए थे। पुलिस ने जिले से ग्वालियर और झांसी तक के बदमाशों को उठाया लेकिन बैंक लूट खोलने में नाकाम रही। बैंक कर्मियों का कहना है कि दस दिनों में पांच लाख की लूटी गई रकम भी खत्म हो चुकी होगी।
26 जुलाई की देर शाम कुटौंद के हदरूख गांव निवासी सराफ हरिओम सोनी का शव गांव के पास ही बंबी के किनारे मिला। परिजनों ने गांव के ही दो लोगों के खिलाफ लूट और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। अगले दिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत की वजह धारदार हथियार आया लेकिन पुलिस है कि सांड़ का सींग पकड़े बैठी है। पुलिस का मानना है कि सराफ की हत्या नहीं बल्कि उसकी बाइक सांड़ से टकराई थी, जिससे सांड़ और सराफ दोनों की मौत हो गई। परिजन अब इंसाफ के लिए अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
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31 जुलाई को रामपुरा के जगम्मनपुर गांव में असलहों से लैस बदमाश अधिवक्ता के घर पर दो घंटे तक तांडव करते रहे। अधिवक्ता के बड़े भाई बदमाशों से मोर्चा लेने में घायल भी हुए। इसके बाद बदमाश आराम से भाग निकले। न कहीं सड़क पर गश्त दिखी और न ही डायल 100 ने फोन उठाया, बल्कि पुलिस मौके पर ट्रकों से वसूली करती भी पाई गई। पुलिस ने भी देखा जब इतना तो एक कदम और सही जैसी तैसी तहरीर लेकर लूट और डकैती के बजाए चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर खामोश बैठ गई है। पच्चीस लाख की लूटपाट के बाद अधिवक्ता का पूरा परिवार खौफ में है।
22 जुलाई की रात कोंच के चमेड़ गांव निवासी किसान के घर से चोरों ने लाखों की जेवर-नगदी के साथ उनकी दोनाली बंदूक भी पार कर दी। इसके बाद कोंच के ही भदेवर और रवा गांव से अलग अलग दिनों में चोरों ने करीब पंद्रह से बीस लाख के माल पर हाथ साफ किया और पीछे कोई निशान तक नहीं छोड़ गए। जेवर-नगदी तो दूर पुलिस अभी तक चोरी गई बंदूक भी नहीं तलाश पाई है। ग्रामीण का कहना है कि लाइसेंस बंदूक से पता नहीं चोर कौन सी वारदात को अंजाम दे डाले।


सत्ता की हनक में घूम रहे आरोपी
जुलाई में उरई पुलिस ने भाजपा विधायक के करीबी शिवा सोनी के खिलाफ मारपीट का मामला तो दर्ज किया लेकिन अभी तक शिवा की तलाश नहीं की जा सकी। इसी तरह 24-25 जुलाई को जालौन में स्वाट टीम ने भाजपा नेता सोनू सिंह के घर से लाखों का जुआ पकड़ा और नेता को भी मामले में नामजद किया। पार्टी ने तो सोनू को निकाल दिया लेकिन पुलिस ने उसे क्लीन चिट सी दे रखी है। अभी तक गिरफ्तारी के लिए कोई दबिश भी नहीं दी गई है।

सेटिंग-गेटिंग से चल रहे हैं थाने, चौकी
ताबड़तोड़ वारदात के बाद भी किसी भी थाने और चौकी के प्रभारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। थानों में कोई किसी नेता तो कोई किसी अधिकारी का खास कुर्सी पर बैठा है। उन पर किसी पुलिस अधिकारी का कोई खौफ नहीं है।



लगातार बढ़ रहे अपराधों पर एसपी अमरेंद्र सिंह से दो टूक बातचीत।
- जिले में अपराधों की बाढ़ सी क्यों लग रही है?
जवाब- क्राइम का एक पीरियड सा होता है, यदि अपराध बढ़ रहा है तो उसका खुलासा भी पुलिस करेगी।

बैंक लूट खुलने में देरी पर रकम कितनी बरामद हो पाएगी ?
जवाब- सवाल यह नहीं है कि रकम कितनी मिलती है, इससे पहले भी कई बड़ी लूट की घटनाएं हुई हैं, वे देर से जरूर खुलीं लेकिन आरोपी तो जेल गए ही ना।

सराफ हत्या के मामले में कोई नई प्रगति ?
जवाब - वह तो एक हादसा है, यदि परिवार वाले नहीं मान रहे हैं तो इसमें पुलिस क्या कर सकती है। रही बात एफआईआर की यदि पुलिस वह भी न लिखे तो भी दोषी बनती है। फिलहाल फोरेंसिक रिपोर्ट पर काम किया जा रहा है।

अपराध नियंत्रण के लिए कोई नई तरकीब ?
जवाब- देखिए जिले में फोर्स काफी कम है, फिर ऐसे में सभी जगह पुलिस का मौजूद होना संभव नहीं है। प्रयास जरूर किया जा रहा है कि क्राइम कंट्रोल हो। इसके लिए बैंक मैनेजर और पंप मालिकों को सावधानी बरतने को कहा गया है। लोगों से अपील है कि घरों में ताले लगाने के बाद भी सतर्क रहे। थानेदारों को निर्देश हैं कि आपसी रंजिशों के मामलों को गंभीरता से लें।
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फोटो नंबर 14- एसपी अमरेंद्र सिंह
ताबड़तोड़ घटनाएं पुलिस के लिए चुनौती
बड़ी घटनाओं के खुलासे के बजाए झुठलाने में लगी है पुलिस
बैंक लूट और सराफ की हत्या का नहीं हो सका खुलासा
नीरज दीक्षित
अमर उजाला ब्यूरो
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