औरैया। हम उन दिनों में भी अच्छे तरीके से काम कर सकते हैं। घर से बाहर निकलकर अपनी दिनचर्या अपना सकते हैं। इसके लिए हमें अपनी झिझक दूर करनी होगी। पीरियड्स के दौरान बालिकाएं अपने आप को असहज महसूस न करें। सिनेटरी पैड का इस्तेमाल करके अपने को दूसरों के कदम से कदम मिलाएं। इस दिनों को अपने जेहन से बाहर निकालें। इन पर बेझिझक एक दूसरे से बात करें। स्कूल व घर के बाहर न जाना छोड़ें बल्कि पैड के इस्तेमाल से अपने आप को सुरक्षित समझें। अमर उजाला और व्हिस्पर च्वॉइस की ओर से की गई सपनों की उड़ान कार्यशाला में बेटियों को ये सुझाव दिए गए।
दिबियापुर रोड स्थित चौधरी विशंभर सिंह भारतीय बालिका इंटर कालेज में शुक्रवार को कार्यशाला में मुख्य अतिथि टीवी सीरियल कलाकार पूजा बनर्जी ने अपना पहला अनुभव साझा किया। बताया कि वह बहुत डर गई थीं। लगा कि जैसे अब जिंदगी समाप्त हो गई है। इन बातों को मम्मी से शेयर किया तो उन्होंने झिझक को दूर किया। कहा कि कलाकार होने के नाते रोजाना कहीं न कहीं जाना पड़ता है लेकिन पीरियड्स का असर जिंदगी में नहीं पड़ता है। इसलिए बेटियां अपनी मां को सहेली समझें और उनको अपनी हर बात बताएं। समाजसेविका अंजू पांडेय ने कहा कि इन दिनों में बेटियां परेशान हो उठतीं हैं और स्कूल व कोचिंग जाना छोड़ देती है। कहा कि अब उन्हें घबराने की जरूरत नहीं हैं। वे पैड का इस्तेमाल कर अपना हर दिन एक जैसा बना सकती हैं।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रार्थना अग्रवाल ने कहा कि पीरियड्स नौ से 16 वर्ष की उम्र में आने शुरू होते हैं। इस उम्र से पहले पीरियड्स आने पर चिकित्सक से सलाह लें। कहा कि यदि किसी को महीने में दो बार पीरियड्स आते हैं तो वे चिकित्सक से सलाह लें। हार्मोंस की कमी के कारण ऐसा होता है। इस दौरान उन्होंने छात्राओं व मौजूद महिलाओं द्वारा किए गए सवालों का समाधान भी किया। उन्होंने कहा कि पीरियड्स से लड़कियों की लंबाई का कोई मतलब नहीं हैं। लंबाई परिवारीजनों के अनुसार ही बढ़ेगी। अंत में पूजा बनर्जी ने लकी ड्रा के विजेता शिखा बाजपेयी, अनुष्का, रक्षा, अरिहाना, दीक्षा पाल के अलावा अन्य अतिथियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अजय, आशीष, कीर्ति, सौरभ, प्रियंका आदि ने सहयोग प्रदान किया।
जूडो कराटे एक्सपर्ट स्वेच्छा दीक्षित ने लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। स्वेच्छा ने एक लड़की को मंच पर बुलाकर जूडो-कराटे का प्रशिक्षण देते हुए उन्हें बताया कि वह किस तरह मनचलों द्वारा पकड़े जाने पर उन्हें सबक सिखा सकतीं हैं। कहा कि लड़कियों को सिर्फ अपना हौसला कमजोर नहीं होने देना है। उनका मनोबल ही मनचलों को सबक सिखाने और उनकी जीत के लिए सहायक होगा।
कार्यक्रम समापन के अवसर पर बेटियों को पैड इस्तेमाल करने की शपथ दिलाई गई। टीवी कलाकार पूजा बनर्जी ने शपथ दिलाई कि वे पीरियड्स में स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखेंगी। कपड़ा छोड़ पैड का इस्तेमाल करेंगी। अपने साथ पांच अन्य लड़कियों को कपड़े के प्रति भ्रांतियां दूर करते हुए उनको पैड के इस्तेमाल के बारे में जागरूक करेंगी।
कार्यक्रम में स्क्रीन के माध्यम से महिलाओं और लड़कियों की पीरियड्स के दौरान झिझक दूर करने की भरसक कोशिश की गई। लड़कियों को दिखाया गया कि पीरियड्स शुरू होते हैं तो वह अपने आप को कैसा महसूस करतीं है। वह स्कूल व कोचिंग तक जाना छोड़ देती है। लेकिन सही समय व पैड के इस्तेमाल से वह अपनी जिंदगी बिंदास तरीके से जीती हैं।