उरई। विकास प्राधिकरण के नए नियम के विरोध में रजिस्ट्री कार्यालय के वेंडर व अधिवक्ताओं की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण जहां आम लोगों को प्लाट, मकान खरीदने व बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वहीं रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्ट्री बंद होने से अब तक एक करोड़ के नुकसान का अनुमान है। सोमवार को रजिस्ट्री कार्यालय के अधिवक्ता व वेंडरों ने नए नियम के विरोध में रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। फिर नारेबाजी कर डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया।
बता दें कि जिले में विकास प्राधिकरण विनिमित क्षेत्र की महायोजना लागू होने से शुक्रवार से रजिस्ट्री कार्यालय में प्लाटों की रजिस्ट्री बंद है। वहीं महायोजना के लागू होने से अधिवक्ता व वेंडरों ने भी हड़ताल कर दी है। जिससे कार्यालय का कार्य पूरी तरह से प्रभावित है।
इससे जहां राजस्व की हानि हो रही है वहीं कार्यालय से जुड़े अधिवक्ता व स्टांप वेंडर भी बेरोजगार हो गए हैं। आक्रोशित अधिवक्ता व वेंडरों ने सोमवार को रजिस्ट्री कार्यालय से कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंच कर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। धरना सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता भरत कुमार मिश्रा (मालू) ने कहा कि महायोजना के नियम में कई विसंगतियां हैं, जिसे धरातल पर लागू करना मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि जब तक विसंगतियों को दूर नहीं किया जाता है, तक हड़ताल जारी रहेगी। धरने के बाद अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी विकास कश्यप को सौंपा। उन्होंने मांग की, कि आगरा, इलाहाबाद व अन्य शहरों में भी इस आदेश में विसंगति को देखकर हटा दिया गया है। इसी तरह जिले में भी इसे हटा दिया जाए। इस दौरान दीपेंद्र श्रीवास्तव, संतोष पाल, अनुराग आदि मौजूद रहे।