उरई। बुंदेलखंड की प्यास बुझाने के लिए शासन स्तर पर ठोस पहल की गई है। पेयजल योजना के लिए आयोजित बैठक में पानी की समस्या को दूर करने के लिए त्रिस्तरीय कंट्रोल रूम बनाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें ब्लॉक स्तर से लेकर कमिश्नरी स्तर तक कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे, जो सीधे जिले के बड़े अधिकारियों सहित कमिश्नरी स्तर के अधिकारियों की निगरानी में होगे। इस कंट्रोल रूम में शिकायत करने पर बुंदेलखंड के किसी भी क्षेत्र में 45 मिनट में पानी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्यमंत्री महेंद्र सिंह ने बताया कि शासन की मंशा है कि सूखे बुंदेलखंड को पानी से लबालब कर दिया जाए। इसी मंशा को लेकर प्रमुख सचिव के अधिकारियों के साथ जिले में बैठक की गई है। इसमें पानी की समस्या व उसके निराकरण को लेकर चर्चा हुई। अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने अपने अपने सुझाव दिए है जिन्हें बिंदुवार नोट किया गया है।
बुंदेलखंड के किसी भी गांव व नगरीय क्षेत्र में पानी की समस्या न हो, इसके लिए सभी मंडलों में पानी को लेकर त्रिस्तरीय कंट्रोल रूम बनाने की योजना बनाई गई है। बताया कि शासन के निर्देश पर बुंदेलखंड के सभी सातों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने जिलों में ब्लाक, जिला व कमिश्नरी स्तर तक अलग अलग कंट्रोल रूम स्थापित किए जाए।
जहां ब्लाक स्तर के कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी बीडीओ को दी जाए तो जिला स्तर व मंडल स्तर के कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी जिले व मंडल के अधिकारी की हो। जिसमें किसी भी गांव व शहरी क्षेत्र में पानी की समस्या होने पर सीधे शिकायत की जा सके और शिकायतकर्ता को 45 मिनट के अंदर मौके पर पानी की उपलब्धता कराया जा सके।
वहीं उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वह हर हाल में अपने क्षेत्र में खराब पड़े हैंडपंपों को 15 मार्च तक ठीक करा ले। जिससे की आने वाले दिनों में लोगों को पेयजल संकट से न जूझना पड़े। 15 जनवरी के बाद अगर क्षेत्र में खराब पड़े रीबोर की शिकायत आई तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- शिकायत पर 45 मिनट में मिलेगा पानी
- ब्लॉक से लेकर कमिश्नरी तक होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो