धीमी गति से अंडरपास के ऊपर से गुजरती ट्रेन
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कंचौसी(औरैया)। कस्बे के निकट गेट संख्या चार पर बन रहे अंडरपास के निर्माण के दौरान मिट्टी धसक गई थी। जिससे बड़ा हादसा बचा था। एक घंटे तक ट्रैक ठप रहा था। मगर रात तक भी ट्रैक सुचारु रूप से ठीक नहीं हुआ। शाम के समय गुजरने वाली पटना, दिल्ली व भुवनेश्वर राजधानी को फफूंद व पाता स्टेशन पर रोका गया। जबकि दूसरे दिन ट्रेनों को बीस किमी प्रतिघंटा की गति से ही गुजारा गया। इसके साथ ही कई ट्रैक खाली न मिलने पर कई ट्रेनों को रोककर गुजारा गया।
शनिवार की सुबह मिट्टी धसकने से टले बड़े हादसे के बाद रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था। मौके पर एडीआरएम एमसी त्रिपाठी भी आ गए। जिनकी देखरेख में आनन फानन में ट्रैक सुचारु रुप से चालू किया गया। शनिवार को दस किमी की स्पीड से ट्रेनें गुजारी गई। रात में दिल्ली, भुवनेश्वर व पटना राजधानी को फफूंद व पाता स्टेशन पर रोकी गई।
रात भर ट्रेनों के गुजरने का यही हाल रहा। इसके बाद सीमेंट की बोरियां ट्रैक के नीचे लगाकर रेल यातायात सामान्य करने की कोशिश की गई। रविवार को सुबह से ट्रेनों का संचालन वैसे ही रहा। मगर दस किमी की जगह बीस किमी प्रतिघंटे की रफ्तार की गई। मगर इसके बाद भी सुबह की मेमो को कंचौसी स्टेशन पर आधे घंटे तक रोका गया। इसके अलावा कई एक्सप्रेस ट्रेनों को रोक रोकर गुजारा गया।
दूसरे दिन शाम तक भी ट्रेनों का संचालन सुचारु रूप से पटरी पर नहीं आ सका था। कार्य करा रही कार्यदायी संस्था टाटा के इंजीनियर संजय कुमार ने बताया कि अब किसी तरह के हादसे न हो इसके लिए निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है। पूरा काम होने पर ही ट्रेनों की स्पीड से गुजारा जाएगा।