अमर उजाला ब्यूरो
कुठौंद(जालौन)। अस्पतालों में तैनात डाक्टर सरकार की मंशा पर खरा नहीं उतर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला कुठौंद थाना क्षेत्र का सामने आया है, जहां पर बेटे के साथ इलाज कराने पहुंचे पिता को बाहर की दवा का पर्चा थमा दिया गया।
उसका आरोप है कि जब उसने अस्पताल से दवा देने की बात कही तो उसे दुत्कार कर भगा दिया। पीड़ित ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की है और संबंधित केे खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कुठौंद निवासी नारायन कुमार पुत्र हरिश्चंद्र ने डीएम को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि छह जुलाई की देर शाम उसके पिता की अचानक हालत बिगड़ गई। वह नजदीक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा।
आरोप है कि यहां पर तैनात चिकित्साधिकारी अशोक चक्र ने बाहर की दवा लिखकर पर्चा थमा दिया। जब उसने अस्पताल की दवा लिखने की बात कही तो वह भड़क गए और उन्होंने दुत्कार कर वहां से भगा दिया। ऐसी स्थिति में उसने प्राइवेट क्लीनिक पर जाकर पिता का इलाज कराया। पीड़ित का आरोप है कि मरीजोें को बाहर की दवा लिखी जा रही है। इतना ही नहीं, इलाज के नाम पर सुविधा शुल्क भी वसूली जाती है। वहीं, दूसरी ओर कस्बा निवासी दीनदयाल, पंकज, गुलाब सिंह का कहना है कि कई अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं व डाक्टरों की मनमानी को लेकर आला अफसरों से शिकायत की गई पर किसी ने इस ओर उचित कदम नहीं उठाया। वहीं, सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया का कहना है कि यदि केंद्र प्रभारी ने मरीज को बाहर की दवा लिखी है तो वह मामले की जांच कराएंगे। यदि जांच में मामला सही पाया जाता हैं तो संबंधित केे खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बाहर की लिखी दवा का किया था विरोध