उरई। जिला अस्पताल में डॉक्टर न होने से ब्लड बैंक तीन दिन से बंद है। यहां अस्थाई रुप से तैनात डॉक्टर (पैथोलॉजिस्ट) ने भी आना बंद कर दिया है। जिससे मरीज व तीमारदारों को ब्लड के लिए भटकना पड़ रहा है और गंभीर व दुर्घटना में घायल मरीजाें को ब्लड न मिलने से तीमारदारों को उन्हें झांसी या कानपुर ले जाना पड़ रहा है। सीएमओ अल्पना बरतारिया का कहना है कि पैथोलॉजिस्ट के लिए अपर निदेशक को अवगत कराया जा चुका है। जल्द डॉक्टर की तैनाती होने की उम्मीद है।
जिला पुरुष अस्पताल में बना ब्लड बैंक जिले के मरीजों को ब्लड नहीं दे पा रहा है। इसकी वजह अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में लगभग दो, ढाई साल से स्थाई पैथोलॉजिस्ट की तैनाती न होना है। ब्लड बैंक बंद होने की स्थिति में तत्कालीन डीएम संदीप कौर ने राजकीय मेडिकल कालेज में प्रवक्ता के रुप से तैनात डॉक्टर माशूक सिद्दीकी को अस्थाई रुप से जिला अस्पताल में दिन में 12 बजे से 2 बजे तक के लिए ब्लड बैंक में बैठने को तैयार कर लिया था।
डॉ. सिद्दीकी लगातार तभी से जिले के मरीजों को ब्लड बैंक से ब्लड उपलब्ध कराते आ रहे थे। लेकिन सोमवार से डॉ. सिद्दीकी ने ब्लड बैंक में आना बंद कर दिया है। जिसके चलते जिले के मरीजों को ब्लड मिलना भी बंद हो गया है और मरीज व तीमारदार परेशान है। सोमवार से लेकर बुधवार तक दर्जन भर मरीजों के तीमारदार ब्लड बैंक का चक्कर लगा रहे हैं पर ब्लड न मिलने से मायूस होकर लौट रहे हैं।
सीएमओ अल्पना बरतारिया का कहना है कि डॉक्टर माशूक सिद्दीकी की जिला अस्पताल में अस्थाई सेवाएं ली जा रही थीं। उनके न आने से मरीजों को परेशानी क ा सामना करना पड़ रहा है। परंतु वह स्थाई चिकित्सक (पैथोलॉजिस्ट) के लिए अपर निदेशक को अवगत करा चुकी है। साथ ही जिला पुरुष अस्पताल से भी अपर निदेशक को पत्र भेजा जा चुका है। जल्द डॉक्टर मिलने की उम्मीद है। डॉक्टर मिलते ही मरीजों को पहले की तरह ब्लड मिलेगा।
-पैथोलॉजिस्ट के न होने से बिगडे़ हालात, मरीज परेशान
अमर उजाला ब्यूरो