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राशन वितरण में बायोमीट्रिक मशीन ने उपभोक्ताओं की बढ़ाई मुसीबत

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अमर उजाला ब्यूरो
औरैया।
खाद्य विभाग की नई व्यवस्था ने उपभोक्ताओं के सामने एक और समस्या खड़ी कर दी है। कई के आधार नंबर लिंक न होने से उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है। बायोमीट्रिक मशीन की मदद से हो रहा राशन वितरण कोटेदारों के लिए भी सिरदर्द बना हुआ है।

सरकारी गल्ले की दुकान से खाद्यान्न वितरण के लिए शहरी क्षेत्र में आधार कार्ड की अनिवार्यता लागू की गई है। इससे उपभोक्ताओं के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। तमाम लोगों के आधार कार्ड अभी तक लिंक न होने के बाद भी बायोमीट्रिक मशीन से खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था शुरू होने से तमाम लोगों को राशन नहीं मिल पा रहा है। इससे उनमें विभागीय अधिकारियों व कोटेदारों के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। वहीं, कोटेदार के सामने भी राशन वितरण को लेकर गंभीर समस्या बनी हुई है। हालात ये हैं कि खाद्यान्न न मिलने से खफा उपभोक्ता राशन विक्रेता से खाद्यान्न न दिए जाने पर बवाल करने पर भी आमादा हैं। ऐसे में कोटा डीलर भी उन्हें अपनी मजबूरी समझाने में अपने को असहाय बता रहे हैं।
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केवल यह एक ही समस्या नहीं है। बल्कि इस व्यवस्था मेें नेटवर्क की भी गंभीर समस्या बनी हुई है। ऑनलाइन सेवा से जुड़ने के बाद बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठे का निशान लिया जाता है। इसके बाद ही उपभोक्ता के परिवार का पूरा ब्यौरा मशीन पर दिखता है। इसके बाद राशन मुहैया कराया जाता है। ऐसे में यदि अंगूठा रखने के बाद अचानक नेटवर्क चला जाता है तो उपभोक्ताओं को नेटवर्क आने तक राशन की दुकान पर ही समय बर्बाद करना पड़ता है। वहीं बार-बार नेटवर्क आने-जाने की समस्या से कोटा डीलर भी परेशान होते हैं। ऐसे में ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है।
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- राशन वितरण में बायोमीट्रिक मशीन ने उपभोक्ताओं की बढ़ाई मुसीबत

कोट
बायोमीट्रिक मशीन से शहरी क्षेत्र में राशन वितरण की शुरुआत कराई गई है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में अभी इस मशीन को उपलब्ध कराया जाना शेष है। जिन लोगों के आधार कार्ड फीड हैं, बायोमीट्रिक मशीन से केवल उन्हीं को खाद्यान्न वितरित किया जा सकता है। ऐसे में लोगों को दिक्कत हो रही है। नेटवर्क की भी गंभीर समस्या है। अब शासन की व्यवस्था है। शुरुआत में थोड़ी परेशानी हो रही है, धीरे-धीरे सब ठीक कर लिया जाएगा। जिन लोगों को आधार कार्ड फीड न होने के कारण राशन नहीं मिल पा रहा है, ऐसे उपभोक्ताओं के लिए कोटा डीलर को निर्देश दे दिए गए हैँ कि उन्हें खाद्यान्न हर हाल में दिया जाए। - दिलीप कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी।

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