शादी समारोह का बचा रसगुल्ला खाने से सुमानपुर गांव
के दो दर्जन से अधिक लोग बीमार पड़ गए। बीमार लोगों में से 18 को सीएचसी
अछल्दा में भर्ती कराया गया, जबकि कुछ का गांव में ही इलाज किया गया।
डाक्टरों की टीम भी गांव में भेजी गई है।
जानकारी के मुताबिक
अछल्दा थाना क्षेत्र के सुमानपुर गांव मे 28 अप्रैल को भाईलाल के घर बारात
आई थी। शादी के बाद भाईलाल की बिटिया विदा हो गई। शादी में बनवाया गया
रसगुल्ला भारी मात्रा में बच गया था। गर्मी के कारण रसगुल्ला खराब होता देख
तीन मई को गांव में बंटवा दिया गया।
रसगुल्ला खाने के कुछ देर बाद
ही ग्रामीणों को उल्टी-दस्त शुरू हो गए। एक-एक कर गांव के दो दर्जन लोग
बीमार पड़ गए। आनन-फानन में लोगों को 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य
केंद्र अछल्दा लाया गया। सीएचसी में चिकित्सकों की देखरेख में बीमारों
लोगों का इलाज चल रहा है।
मामूली रूप से बीमार लोगों के इलाज के
लिए डाक्टरों की टीम गांव भेजी गई है। रसगुल्ला खाने से बीमार होने की
जानकारी होने पर ग्रामीणों ने घरों में मौजूद शेष रसगुल्ले सड़क पर फेंक
दिए।
खराब रसगुल्ला खाने से सुमानपुर गांव के 18 लोग अस्पताल में भर्ती
है। गांव में छह लोगों को मामूली दस्त लगी है। सीएसची अछल्दा में ममता
देवी (22), निर्मला (18), लक्ष्मी (15), ऋषि (10), राहुल (14), मालती देवी
(40), पूनम (10), रेनू (13), अभिनेत्र सिंह (19), आरती (16), रविकांत (18),
अजय कुमार (21), अनिल कुमार (30), सत्यनारायण (45), आशावती (15), अर्चना
(13), रामादेवी (40), मुन्नी देवी (17) भर्ती हैं।
बासी रसगुल्ला
खाने से लोगों को फूड प्वाइजनिंग हो गई। उल्टी, दस्त के शिकार 18 लोगों को
सीएचसी में भर्ती किया गया है। रसगुल्ले में पाउडर मिला था। अस्पताल में
भर्ती लोगों की हालत अब ठीक है।
-डॉ. सिद्धार्थ वर्मा, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछल्दा।