अजीतमल (औरैया)। अजीतमल ब्लाक में बने पांच इंग्लिश मीडियम स्कूलों में मानक का ध्यान नहीं रखा गया है। अभिभावकों का कहना है कि इससे सरकार की गुणवत्तापरक शिक्षा को पलीता लग रहा है। वहीं बीएसए का इस संबंध में कहना था, मुझे जो सही लगे उनको इंग्लिश मीडियम स्कूल बना दिया।
शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकार लाख प्रयास कर रही है। इसी के तहत बेसिक शिक्षा विभाग पिछले वर्ष से हर ब्लॉक में इंग्लिश मीडियम स्कूल बना रहा है। इस वर्ष भी इंग्लिश मीडियम स्कूलों का चयन किया गया है। अजीतमल ब्लॉक में चार प्राइमरी एवं एक जूनियर विद्यालय मिलाकर पांच विद्यालयों का चयन किया गया है। नियमानुसार पांच प्राइमरी के साथ एक जूनियर कुल छह विद्यालयों का चयन करना था। सूत्रों की मानें तो छठवें विद्यालय का चयन भी हो गया था, लेकिन उसे अभी दबा लिया गया है। उसे बदलने की प्रक्रिया की जा रही है। विद्यालय चयन में पिछले वर्ष विद्यालय की गुणवत्ता सुविधाओं के साथ साथ छात्रों की संख्या का भी ध्यान रखा गया था। लेकिन इस वर्ष ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला। इंग्लिश मीडियम विद्यालय के मानक के बारे में जब बीएसए सूर्य प्रकाश से बात की तो उनका कहना है कि मानक क्या बताना है। स्कूल की गुणवत्ता देखकर मुझे बनाना है। जो भी विद्यालय सही लगे वो बना दिए। उन्होंने बताया कि अभी तक प्राइमरी विद्यालय शहबाजपुर, भादसान, सांफर किन्नरपुर तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय किन्नरपुर बनाया गया है।