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धनतेरस पर सजा बजार, ग्राहक भी तैयार

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उरई। सोमवार को पड़ रहे धनतेरस के त्योहार की चमक रविवार को ही नजर आने लगी। बाजारें सजीं तो ग्राहकों की भीड़ भी नजर आई। कोई महंगे से महंगा टीवी, फ्रिज और वाशिंग मशीन के दाम पूछ रहा था तो कोई गणेश लक्ष्मी और मिट्टी के दीयों की खरीदारी में व्यस्त था। बाजार में ग्राहकों को लुभाने के लिए चांदी के गणेश लक्ष्मी, दो लाख का टीवी और चांदी के सिक्कों को भी सजाया गया है। कहीं पर स्कीम ग्राहकों के आकर्षण का केंद्र बनी तो कही उपहार उन्हें लुभा रहे हैं।
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फिलहाल बाजार और दुकानदार दोनों ही धनतेरस पर धन की वर्षा की पूरी उम्मीद लगाए हैं। महिलाओं और बच्चों की भीड़ कपड़ों की दुकान पर नजर आ रही है। इसी तरह खील, खिलौने, लइया-गट्टा की भी दुकानें सजी हुई हैं। धनतरेस पर पूरे जिले में साठ से सत्तर करोड़ का कारोबार होने की संभावना है। सीओ संतोष कुमार ने बताया कि धनतेरस व दीवाली को लेकर चार पहिया वाहनों की बाजार में इंट्री बंद कर दी जाएगी। दो पहिया वाहन भी बाजार में नहीं घुस पाएंगे। वे बाजार के पहले ही खड़े करवा दिए जाएंगे। जगह जगह यातायात कर्मी व होमगार्ड ड्यूटी पर रहेंगे।

इलेक्ट्रानिक उत्पादों के विक्रेता नितिन गुर्जर बताते है कि इस बार स्मार्ट टीवी की ज्यादा डिमांड है। जो स्पीक (आवाज) से भी चलती है। फ्रिज भी आया है। जिसमें डबल डोर है। इसमें एक तरफ अलमारी टाइप की है तो दूसरी तरफ फ्रीजर है। इसके अलावा महिलाओं की डिमांड पर उन्होंने बर्तन धोने वाली डिश वाशर भी मंगाई है। करीब पचास हजार रुपये की डिश वार्शर की खूबी यह है कि इसमें गंदे व झूठे बर्तन डालने के बाद अपने आप धुल जाते है और धुलने के बाद बीप की आवाज आती है। इसके बाद बर्तन निकाल लिए जाते है। ओवन व मिक्सी की भी डिमांड महिलाएं कर रही हैं।
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सराफा बाजार में सोने चांदी के आभूषण और गणेश-लक्ष्मी आकर्षण का केंद्र बने हैं। चांदी के एक ग्राम से लेकर 100 ग्राम तक के सिक्के उपलब्ध हैं। गणेश लक्ष्मी व कुबेर की मूर्तियां भी है। चांदी की ही पूजा की थाली, बर्तन आदि बिक्री के लिए मौजूद हैं। दुकानदार हरिकिशोर गुप्ता ने बताया कि हालमार्क वाले सामान की बिक्री की जा रही है।

धनतेरस बर्तनों की खरीद का अपना ही महत्व है। नगर में बर्तन की दुकानें जगमगाने लगी हैं। ग्राहकों के लिए चम्मच से बाल्टी और स्टील के चूल्हे से लेकर इंडक्शन चूल्हे महिलाओं के लिए सजा कर रखे गए हैं। वहीं मिठाई और नमकीन की खरीद फरोख्त तो अभी से ही शुरू हो गई है। मिठाई की दुकानों पर तो रात तक ग्राहकों की भीड़ नजर आ रही थी। दुकानदारों में पंकज अग्रवाल, नीलेश गुप्ता, विशाल अग्रवाल, रवि अग्रवाल, सर्राफा व्यवसायी कपिल सोनी, अनिल साहू, संजू साहू आदि का कहना है कि त्योहार इस मर्तबा महीने की शुरुआत में ही पड़ रहा है, इसलिए अच्छे व्यापार की उम्मीद लगाई जा रही है।

लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की सैकड़ों दुकानें सजीं हैं। इनके अलावा कुबेर, दुर्गा, काली, सरस्वती और साईं बाबा की मूर्तियां भी बाजार में उपलब्ध हैं। कीमतें जरूर अधिक हैं, लेकिन बिक्री में कोई फर्क नहीं देखने को मिल रहा है। दुकानदार अनिल कौशल, रवि सोनी, अभिनव कौशल आदि बताते हैं कि मूर्तियों के बाजार में सोमवार को और भी तेजी आएगी। वहीं मिट्टी के दीये के साथ साथ रंग बिरंगी देशी और चाइनीज झालरों से भी बाजार पटे नजर आए। मोमबत्तियों की भी जमकर खरीदारी हुई। वरिष्ठ रंगकर्मी सूर्यदीप सोनी कहते हैं कि दीये जलाने का पुराना चलन भी है और हमारी भारतीय संस्कृति भी है।
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