मुहम्मदाबाद(जालौन)। अन्ना जानवर किसानों की परेशानी का सबब बन गए हैं। खेत की बुआई के बाद अपनी फसल को बचाने के लेकर किसान रतजगा करने को मजबूर है। रोज रोज की परेशानी से आजिज आकर डकोर क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के किसानों ने अपने अपने गांव से अन्ना जानवरों को हांककर जिला मुख्यालय पर छोड़ दिया।
बता दें कि इस समय किसानों ने अपनी फसलों की बुआई कर दी है। हरी मटर, चना, मसूर आदि की पौध निकलने लगी है। उधर अन्ना जानवर किसानों की नाक में दम किए हुए हैं। वे अन्ना जानवरों से अपनी फसल बचाने को लेकर तरह-तरह के यत्न कर रहे हैं। किसी ने खेतों की तार फेसिंग करवा दी है तो किसी ने झाड़ झंखाड़ लगा दी है। कोई खेत में ही मचान बनाकर रहने को मजबूर है।
किसान चरन सिंह, रामहेत, विनोद, राजकुमार, रहूप खां, कादिर अली आदि का कहना है कि बड़ी मुश्किल से खेतों की बुआई कर पाए हैं। किसी तरह कर्ज लेकर पंपिंग सेट से घंटों के हिसाब से भाड़ा देकर पानी लगवाया था। फिर फसल बोई थी। अब अन्ना जानवर उस फसल को चौपट करने पर उतारू हैं।
इसे लेकर अब तक कोई ठोस कदम न उठाए जाने से नाराज डकोर क्षेत्र के जैसारी, मुहाना, मकरेछा, डकोर, कुसमिलिया, मुहम्मदाबाद समेत आधा दर्जन गांव किसान एकत्रित होकर करीब तीस किलोमीटर पैदल चलकर अन्ना जानवरों को जिला मुख्यालय तक हांक कर लाए।
इन किसानों का कहना है कि अब जिला मुख्यालय पर बैठे अधिकारी ही इन्हें संभालें। इसके बाद वे जिला मुख्यालय पर जानवरों को छोड़कर चले गए। इन किसानों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही अन्ना जानवरों के लिए ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे क्षेत्र के सभी गांवों के किसानों को इकट्ठा कर रोजाना इसी तरह जानवर लाकर जिला मुख्यालय पर छोड़ेंगे।
शहर में जैसे ही अन्ना जानवर घुसे तो रास्ता जाम होने लगा। कुछ लोगों ने किसान ने नाराजगी भी जताई। इस पर किसान बोले, साहब इन अन्ना जानवरों से हम लोग तो रोजाना परेशान होते है। आप लोग थोड़ी देर ही परेशान हो लीजिए। किसानों की बात सुनकर लोग शांत हो गए।