उरई। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी समस्याओं को हल कराने की मांग कर टिकैत जिंदाबाद के नारे लगाए और सभा कर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। इसके बाद यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम लंबरदार ने नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट एनपी पांडे को किसानों की सात सूत्री मांगों का ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती पर सभी तहसीलों के किसान बड़ी संख्या में झांसी रोड स्थित चौधरी चरण सिंह कालेज में एकत्र हुए। हाथों में यूनियन के झंडे थामे किसानों ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग कर नारे लगाए। किसानों की भारी भीड़ जब कलक्ट्रेट पहुंची तो वहां अफरातफरी मच गई।
धरने के दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि इस बार कम बारिश होने से किसान की खरीफ की फसल पूरी तरह सूख गई। इससे किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच गया। बारिश के आसार अभी तक नहीं बने हैं, जिससे रबी की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे में जिले को हर हाल में सूखाग्रस्त घोषित किया जाना चाहिए।
इसके अलावा किसानों को अन्ना जानवरों से निजात दिलाने की सिर्फ बात की जा रही है, हकीकत में कुछ भी नहीं दिख रहा है। किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाली बीमा कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। किसानों की भीड़ देख पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाकर समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान प्रधान राजपाल, संतोष निरंजन, माया देवी, शीला चौधरी, शशिकांत रिछारिया, बल्लूराम प्रधान, मूलचंद्र भारती, परमेश्वरी दयाल कोंच आदि मौजूद रहे।
जाम लगने पर रूट डायवर्जन
किसानों के प्रदर्शन को लेकर पुलिस को काफी पसीना बहाना पड़ा। झांसी रोड पर जुलूस के शुरू होते ही जाम की स्थिति बनी तो पुलिस ने आनन फानन में रूट डायवर्जन कराकर ट्रैफिक को दूसरे रास्ते की ओर घुमा दिया। इसी तरह कलेक्ट्रेट के निकट जिला परिषद रोड पर भी जुलूस में शामिल ट्रैक्टर जाम का कारण बने।
-टिकैत जिंदाबाद के नारे लगा कलक्ट्रेट पर गरजे किसान
-धरना देने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो