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विफल रहा धनगर समाज का आंदोलन

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उरई। राष्ट्रीय धनगर महासभा के बैनर तले रविवार को पूर्व प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन पूरी तरह विफल रहा। पुलिस की मुस्तैदी के चलते महासभा के लोग स्टेशन के अंदर नहीं पहुंच सके। इससे समाज के लोगों ने स्टेशन के बाहर ही खड़े हो कर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया।
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राष्ट्रीय धनगर महासभा के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर धनगर समाज के लोगों ने पूर्व प्रस्तावित रेल रोक ो आंदोलन के तहत रविवार सुबह जालौन रोड स्थित कालीदास स्कूल में एकत्रित होकर स्टेशन पहुंचे लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते स्टेशन के अंदर नहीं पहुंच सके।

जिलाध्यक्ष आरडी पाल धनगर ने बताया कि धनगर समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए आंदोलन चलाया जा रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय धनगर महासभा ने 25 अगस्त को डीएम को ज्ञापन देकर मांग की थी कि 14 मार्च 2012 को इलाहाबाद हाईकोर्ट व 16 जनवरी 2013 को अनुसूचित जाति आयोग के आदेश के बाद भी धनगर समाज के लोगों के अनुसूचित जाति के जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे हैं।
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15 दिन में यदि मांग पूरी न हुई तो धनगर महासभा रेल रोको आंदोलन करेगी। इसी कड़ी में धनगर महासभा ट्रेन रोकने के लिए आज स्टेशन पर आई है। वहीं स्टेशन पर आरपीएफ, जीआरपी और भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी होने से धनगर महासभा ट्रेन नहीं रोक सकी।

इस दौरान युवा जिलाध्यक्ष सोमेंद्र धनगर, हेमंत धनगर, लोकेंद्र धनगर, सुनील धनगर, अमित धनगर, कुलदीप धनगर आदि मौजूद रहे। राष्ट्रीय धनगर महासभा ने अपनी मांग को लेकर पिछले माह जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया था। मांग पूरी न होने पर रेल रोकने की चेतावनी दी थी, लेकिन कई दिन की तैयारी के बाद भी समाज के लोग आधा सैकड़ा भी कार्यकर्ता नहीं जुटा पाए। इससे आंदोलन में पुलिस पूरी तरह हावी रही और कार्यकर्ताओं को स्टेशन के अंदर दाखिल नहीं होने दिया।

सीओ ने संभाला मोर्चा
धनगर महासभा की पूर्व निर्धारित रेल रोको आंदोलन की घोषणा के चलते रविवार सुबह से ही सीओ सिटी संतोष कुमार ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया। वह सुबह से ही अपने पुलिस बल के साथ स्टेशन पर पहुंचे गए। सीओ के पहुंचने से आपीएफ के थाना प्रभारी एके यादव व जीआरपी के थाना प्रभारी हरिशंकर आदि भी मुस्तैद दिखे।
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-सुबह से ही स्टेशन के चप्पे-चप्पे पर मौजूद रही पुलिस, आरपीएफ व जीआरपी
अमर उजाला ब्यूरो
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