अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। मंगलवार को होने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव में इटावा जिला कारागार में निरुद्ध दो जिला पंचायत सदस्य मतदान में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। कोर्ट ने सोमवार को इन दोनों जिला पंचायत सदस्यों के मतदान में भाग लेने की अनुमति देने का प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव के लिए 22 अगस्त को मतदान है। जेल में आपराधिक मामलों में निरुद्ध दो सदस्यों की उपस्थित को लेकर चल रहे कयास उस समय धरे के धरे रह गए। जब न्यायालय ने उन्हें मतदान में भाग लेने की अनुमति नहीं दी। बेला निवासी जिला पंचायत सदस्य पुत्तीलाल धारा 304 राज्य बनाम धनीराम वर्मा आदि में जेल में निरुद्ध हैं।
उनका प्रार्थना पत्र जिला कारागार इटावा के जेलर से अग्रसारित होकर जिला मजिस्ट्रेट जयप्रकाश सगर के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायाधीश हसनैन कुरैशी के समक्ष रखा गया। जिला पंचायत अध्यक्ष के मतदान में भाग लेने की अनुमति दिए जाने वाले इस प्रार्थना का डीजीसी जितेंद्र सिंह तोमर ने विरोध किया।
बहस के बाद जिला जज ने पुत्तीलाल के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। डीबीए के अधिवक्ता महावीर शर्मा ने बताया कि बिधूना के रठगांव निवासी जिला पंचायत सदस्य उमा सिंह पुत्र राम सिंह का प्रार्थना पत्र मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरवंश नारायण त्रिपाठी की कोर्ट में प्रस्तुत हुआ।
थाना बिधूना क्षेत्र के हत्या संबंधी एक मामले में जेल में निरुद्ध हैं। इस प्रार्थना पत्र को सीजेएम ने खारिज कर दिया। इस कार्रवाई से अब मंगलवार को होने वाले मतदान में ये दोनों जिला पंचायत सदस्य हिस्सा नहीं ले सकेंगे।