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अक्षम व वृद्ध वकीलों के लिए मांगी पेंशन

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औरैया। बार काउंसिल आफ इंडिया के आह्वान पर मंगलवार को अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी रही। मंगलवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे और जिलाजजी के गेट पर प्रदर्शन कर विरोध प्रकट किया। अधिक्ताओं ने कहा कि उनके हित में सभी मांगों का पूरा होना जरूरी है। वकीलों से हड़ताल से जिलाजजी परिसर में सन्नाटा देखने को मिला, तो वहीं वादकारियों को निराश होकर घर लौटना पड़ा।
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मालूम हो कि छह सूत्रीय मांगों को लेकर बार काउंसिल आफ इंडिया ने देश व्यापी हड़ताल का एलान किया था। इसके पहले दिन सोमवार को अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। वहीं मंगलवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। सुबह के समय अधिवक्ता जिला जजी के मुख्य गेट पर एकत्रित हुए, जहां कुछ देर तक नारेबाजी कर अपना विरोध प्रकट किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि बार काउंसिल ने अधिवक्ताओं के हित में आवाज उठाई है। अधिवक्ताओं के हित में इन सभी मांगों का पूरा होना जरूरी है।

कहा कि डीबीए प्रवक्ता शिवम शर्मा ने कहा कि मांगों में नए वकीलों को पांच वर्षों तक 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने, अक्षम व वृद्ध वकीलों को पेंशन व पारिवारिक पेशन का लाभ, अधिवक्ता व उनके परिवार का बीमा, अधिवक्ता की असामयिक मृत्यु पर आश्रितों को 50 लाख की मदद, बीमार होने पर मुफ्त इलाज आदि शामिल हैं। कहा कि अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए बार काउंसिल ने पीएम को मांग पत्र दिया था लेकिन सकारात्मक परिणाम न आने से अधिवक्ता आक्रोशित हैं। देश भर में दो दिवसीय आंदोलन किया जा रहा है। चेतावनी दी कि मांगे पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज होगा।
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अधिवक्ता महावीर शर्मा ने वकीलों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार से पांच हजार करोड़ का बजट स्वीकृत करने की मांग की। ताकि न्यायालय परिसर में वकीलों के बैठने, पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी व शौचालय आदि की व्यवस्था हो सके। इस मौके पर डीबीए अध्यक्ष अशोक अवस्थी, पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ शुक्ला, पूर्व महामंत्री संजीव चतुर्वेदी, महामंत्री मानसिंह पाल, पप्पल चौबे, विष्णुहरि दुबे, गिरजाकांत त्रिपाठी, जितेंद्र सिंह सेंगर, सीपू शुक्ला, सोनू पांडेय आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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- देश व्यापी हड़ताल के तहत न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
अमर उजाला ब्यूरो
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