फोटो 18 एयूआरपी 37- अंनतराम टोल प्लाजा पर कोटा से आ रहे छात्रों का इंतजार करते छात्र
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औरैया। लॉकडाउन के दौरान कोटा (राजस्थान) में फंसे छात्र-छात्राएं शनिवार की देर शाम दो रोडवेज बसों से अपने जिले औरैया पहुंचे, लेकिन घरवालों से दूर शेल्टर होम में क्वारंटीन किए जाने से उनमें बेचैनी बढ़ गई। क्वारंटीन किए गए छात्र-छात्राओं ने कहा कि वह परिजनों से मिलने की उम्मीद लेकर आए थे। लेकिन यहां रुकने पर उनकी स्थिति कोटा में ही रुकने जैसी हो गई।
कोटा से छात्रों को लेकर एक रोडवेज बस झांसी, उरई होते हुए जालौन चौराहे के निकट शनिवार की शाम लगभग साढ़े छह बजे पहुंची। यहां स्वास्थ्य और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सभी छात्र-छात्राओं को उतारा गया। एसडीएम सदर विजेता ने बताया कि पहली बस से 11 छात्र-छात्राओं आए। इनमें छह छात्राएं और पांच छात्र हैं। इनमें औरैया शहर के दो (हिमांशु पुत्र राजेश कुमार और मुकुलका पुत्री रामशरन गौतम), दिबियापुर के तीन (ऋुति पुत्री रामनरेश, श्वेता पुत्री संजय पोरवाल, सौम्या पुत्री धर्मेंद्र यादव), अजीतमल का एक (अंकित पुत्र रनवीर सिंह), भीखेपुर का एक (रितिक पुत्र मनोज), फफूंद का एक (आशीष पुत्र नरेंद्रनाथ राजपूत), बिधूना का एक (निखिल पुत्र सर्वेश तिवारी), शंकरपुर जालौन का एक (विपिन पुत्र शिवराम), इटावा का एक छात्र (रवींद्र पुत्र बदन सिंह) शामिल हैं। बताया कि सभी छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग कराए जाने के बाद उन्हें ईशा वाटिका में बने शेल्टर होम में रखा गया है। डीएम अभिषेक सिंह ने बताया कि सभी छात्र-छात्राओं का रैपिड जांच होगी। औरैया के पास अभी रैपिड किट नहीं है। लखनऊ से मंगाई गई है। 300 किट आनी है। रविवार की दोपहर तक किट आने की संभावना है। जांच में निगेटिव पाए जाने पर उन्हें घर भेज दिया जाएगा।
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इटावा से होकर एक बस औरैया पहुंची
अजीतमल (औरैया)। शनिवार की शाम 7:30 बजे अनंतराम स्थित टोल प्लाजा पर एक और बस पहुंची। जहां पर मौजूद चिकित्सकों की टीम ने बस में सवार पांच छात्र-छात्राओं रंजना पुत्री शैलेंद्र सिंह, हर्षित कुमार सिंह पुत्र सर्वेश कुमार, रिषभ राजपूत पुत्र वीरपाल सिंह राजपूत, सत्यम धारिया पुत्र राम बिहारी धारिया, निर्विकार शाक्य पुत्र गंभीर शाक्य की थर्मल स्क्रीनिंग की। सभी को जालौन चौराहा स्थित ईशा वाटिका क्वारंटीन सेंटर के लिए रवाना किया।