उरई। दयानंद वैदिक कालेज के पुस्तकालय भवन में इंटेक एवं इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय सिक्का प्रदर्शनी लगाई गई। जिसमें पुराने एक पैसे लेकर दो हजार तक के सिक्कों का प्रदर्शन किया गया। इसमें कई विद्यालयों के प्राध्यापकों एवं छात्र, छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
दयानंद वैदिक कालेज के पुस्तकालय में आयोजित जिला स्तरीय सिक्कों की प्रदर्शनी का शुभारंभ डॉ. देवेंद्र कुमार व डॉ. हरिमोहन पुरवार ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। फिर सिक्कों प्रदर्शनी में कौड़ी, एक पैसा, दो पैसा, तीन पैसा एवं पांच पैसा से लेकर दो हजार तक के सिक्कों का अवलोकन कई विद्यालयों से आए छात्र और छात्राओं ने किया।
इस दौरान डॉ. हरिमोहन पुरवार ने कहा कि सिक्के हमारी विरासत के भाग हैं, हमें इन्हें संभाल कर रखना चाहिए। साथ ही आने वाली पीढ़ी इन्हें देखकर गर्व महसूस कर सके। कहा कि सिक्के वर्ष वार इकट्ठे करते रहना चाहिए क्योंकि सिक्कों का मूल्य कभी कम नहीं होता।
1947 के एक रुपये सिक्के का मूल्य वर्तमान में आठ सौ रुपये के बराबर है। प्रदर्शनी में रामश्री पब्लिक स्कूल, गांधी इंटर कालेज, एल्ड्रिच स्कूल, सनातन धर्म इंटर कालेज के छात्र, छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान प्राचार्य डॉ. राजेशचंद्र पांडे, डॉ. मंजू जौहरी, डॉ. शैलजा गुप्ता, डॉ. अलका रानी पुरवार, दीपा पाठक, अनिल कुमार श्रीवास्तव, तारेश भाटिया आदि मौजूद रहे। अंत में डॉ. नीलम मुकेश व मंजू जोहरी ने प्रशस्ति पत्र वितरित किए। संचालन अलका रानी पुरवार ने किया।
सिक्का प्रदर्शनी में पुराने सिक्कों का किया गया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो