ककोर (औरैया)। जिला मुख्यालय के निकट स्थित साधन सहकारी समिति ककोर का नया भवन पहली बारिश और आंधी भी नहीं झेल सका। आधी में टिन शेड उड़ गया और बारिश से वहां रखा 1500 बोरी गेहूं भीग गया। मंगलवार को सचिव ने बंद गोदाम को खुलवाया तो गेहूं भीगने का पता चला। किसानों ने बताया कि 10 दिन से खरीद बंद होने से गेहूं और टोकन लेकर समिति के चक्कर लगा रहे हैं।
ककोर बुजुर्ग में साधन सहकारी समिति का नया भवन इसी साल तैयार हुआ था। जिसमें पहली बार गेहूं खरीद शुरू हुई थी। 10 दिन पहले गोदाम भरने पर सचिव ने खरीद बंद करा दी। रविवार रात आई आंधी में समिति भवन का टिन शेड उड़ गया और बारिश से गोदाम में रखा किसानों का गेहूं भीग गया। मंगलवार को किसान गेहूं बेचने पहुंचे तो समिति बंद मिली। सचिव राजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। टिन शेड के टुकड़े पास के खेत में पड़े मिले।
सचिव ने बताया कि बारिश से गोदाम में रखा लगभग 1500 बोरी गेहूं भीग गया है। यह बिल्डिंग इसी साल बनकर तैयार हुई थी। केंद्र के बाहर मौजूद 50 किसानों ने बताया कि वह टोकन लेकर समिति के चक्कर लगाने पर मजबूर हैं। खरीद कब शुरू होगी इसकी कोई जानकारी उन्हें नहीं दी जा रही है। खरीद न होने पर वह जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने पर बाध्य होंगे।
आठ को मिला था टोकन, लगा रहे चक्कर
गांव करोरे का पुरवा निवासी नाहर सिंह ने बताया कि बड़ी मशक्कत के बाद आठ जून का टोकन मिला था। तब से फसल लेकर समिति के बाहर बैठे हैं। खरीद न होने और किसी अधिकारी द्वारा सही जानकारी दिए जाने से किसान समिति के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
भाड़ा बन रहा बोझ
गांव उसरारी निवासी रामसूरत ने बताया कि अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही और मनमाने रवैये के कारण किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। बार-बार गेहूं लाने से लगने वाला भाड़ा उन पर बोझ बन रहा है। सही जानकारी भी नहीं दी जा रही है। जिससे किसान परेशान हैं।