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Auraiya News: जमीन स्वीकृत होने के दो साल बाद भी नहीं बन सका 132 केवी बिजली घर

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अजीतमल। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत पचदेवरा में 132 केवी उप बिजली संस्थान के लिए लगभग दो साल पहले चिह्ति जमीन पर आज तक काम शुरू नहीं हो सका है। क्षेत्र के लगभग 12 गांवों के सैकड़ों उपभोक्ता जिला बनने के 27 साल बाद भी इटावा जिले के बिजली केंद्रों पर निर्भर हैं।
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दो वर्ष पहले अजीतमल तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत पचदेवरा में गाटा संख्या 354 की 10 एकड़ जमीन को ग्राम सभा ने चिह्ति कर बिजली विभाग को 132 केवी उप बिजली संस्थान स्थापित कराने के लिए प्रस्तावित कर प्रस्ताव तहसील को भेजा था। तहसील के अधिकारियों की ओर से स्थलीय निरीक्षण किया गया। इसमें जमीन 132 केवी बिजलीघर के लिए उपयुक्त पाई गई थी। इसके बाद उक्त जमीन बिजली विभाग के नाम दर्ज हो गई थी, लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी क्षेत्र की जनता को अभी तक 132 केवी बिजलीघर की सुविधा नहीं मिल सकी है। क्षेत्र के उपभोक्ता आज भी ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं।
बता दें कि औरैया जिले का सृजन 17 सितंबर 1997 को तत्कालीन बसपा सरकार में किया गया था। तब से जिला बने 27 साल बीत चुके हैं। इसके बावजूद जिले के अजीतमल तहसील क्षेत्र के अनंतराम, सौनासी, मुड़ैना रूपशाह, नगला सिमार, नगला नंदन समेत लगभग एक दर्जन से ज्यादा गांव आज भी इटावा जिले के बिजली केंद्रों पर आश्रित हैं।
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इस बाबत एसडीओ राहुल कुमार का कहना है कि अजीतमल बिजली उपकेंद्र पर पहले से ही अधिक लोड है। इसके बावजूद कुछ गांवों को औरैया जिले से जोड़ने का काम किया गया। अगर इन शेष बचे सभी गांवों को औरया जिले से जोड़ दिया जाएगा तो बिजली आपूर्ति सुचारू रख पाना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा। बताया कि अजीतमल में 20 एमवीए तथा चपटा में 10 एमवीए तथा अटसू क्षेत्र में 10 एमवीए के बिजली उपकेंद्र संचालित हैं। इसमें ओवरलोड के चलते क्षेत्र में बिजली सप्लाई होने में समस्या आ रही है।
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बोले जिम्मेदार-
ट्रांसमिशन विभाग की ओर से चिह्ति जमीन पर 132 केवी उप बिजली संस्थान बनाया जाना है। उन्हीं के स्तर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- बृजमोहन, अधीक्षण अभियंता, औरैया।
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