औरैया। महाशिवरात्रि पर्व सोमवार को मनाया जाएगा। शिवालय को संजाने को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस दौरान शिव मंदिरों में पंचामृत अभिषेक, पूजन और धार्मिक अनुष्ठान होंगे। इन्हें आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर शनिवार को बैरीकेडिंग का काम होता रहा।
महाशिवरात्रि का पर्व सोमवार को पड़ने से भक्तों में उत्साह है। शहर में सिद्धपीठ देवकली मंदिर, सत्तेश्वर मोहल्ला स्थित सत्तेश्वर मंदिर, भोलेश्वर मंदिर, पक्का तालाब स्थित शिव मंदिर में रंगाई-पुताई का काम पूरा हो गया है। देवी-देवताओं की मूर्तियों को सजाने, संवारने और मंदिर को बिजली की रंगबिरंगी झालर से जगमगाने के लिए काम तेजी से चल रहा है। मंदिर के गेट सड़क के किनारे बल्लियां लगाई जा रही हैं कि जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सिद्ध पीठ देवकली मंदिर में वैसे तो हर साल महाशिवरात्रि पर्व पर जबरदस्त भीड़ रहती है लेकिन इस बार सोमवार को महाशिवरात्रि होने के कारण भीड़ अधिक होने की संभावना है। श्रद्धालु जमुना घाट में स्नान करने के बाद जलाभिषेक करने मंदिर आते हैं। इसमें शहरी क्षेत्र के अलावा जालौन, कानपुर देहात, इटावा व कन्नौज आदि जनपदों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन करने के लिए आते हैं। आचार्य राजेश शुक्ला ने बताया कि महाशिवरात्रि में देवकली मंदिर में भक्तों की सबसे अधिक भीड़ रहती है। महाशिवरात्रि पर्व पर भौर तीन बजे से कपाट खोल दिए जाएंगे, जिससे भोले शंकर के भक्त जलाभिषेक कर सकें।
आचार्य राजेश शुक्ला ने बताया कि 60 वर्षों के बाद ऐेसा योग बन रहा है कि सोमवार को महाशिवरात्रि का पर्व है। इसे सोमवती शिवरात्रि भी कहते हैं। सोमवार भोलेशंकर का दिन है, जो बहुत कल्याणकारी होता है। उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन संकल्प कर भगवान शिव ओम नम: शिवाय का जाप करें। दिन में व्रत रहकर रात्रि में जागरण करें। रात्रि में भगवान शिव की पूजा दूध में केशर मिलाकर स्नान कराएं। आचार्य राजेश शुक्ला ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक, महामृत्यंजय जाप करने से पुण्य मिलता है। महाशिवरात्रि को शिव-पार्वती का विवाह हुआ था। इसी दिन से ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी, जो भक्त गंगा जल से जलाभिषेक, बेल पत्र अर्पण करते हैं, महादेव उनकी मनोकामना पूर्ण करते हैं।
-तैयारियां अंतिम चरण में, श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर की जा रही व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो