उरई। मोबाइल खरीदने के बाद ठीक से काम न करने पर जांच में उसमें मैन्यूफैक्चरिंग कमी पाई गई। जब उपभोक्ता ने दूसरा मोबाइल देने को कहा तो दुकानदार व कंपनी आनाकानी करने लगी। इस मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने गुरुवार को आदेश दिया कि कंपनी की कमी के कारण उपभोक्ता परेशान हुआ। लिहाजा मोबाइल की कीमत के साथ दो हजार रुपये प्रतिवाद खर्च तथा 9 प्रतिशत ब्याज के साथ कीमत अदा की जाए।
शहर के मोहल्ला तुलसी नगर निवासी संतोष राजपूत ने 5 अगस्त 2016 को स्पाइस कंपनी का मोबाइल बजरिया स्थित राजू मोबाइल सेंटर से खरीदा था। संतोष ने बताया कि खरीदने के बाद से ही मोबाइल ठीक से काम नहीं कर रहा था। जिसमें निर्माण संबंधी कुछ कमी थी।
शिकायत करने पर कुछ दिन और मोबाइल चलाने को कहा गया। साथ ही दुकानदार ने कस्टमर केयर पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। इस पर उसने 15 अक्तूबर 2016 को सर्विस सेंटर पर खराब मोबाइल जमा कर दिया। साथ ही उसे आश्वासन मिला कि 11 दिन के अंदर बदलकर नया मोबाइल दे दिया जाएगा। कई बार कहने के बावजूद उसे नया मोबाइल नहीं दिया गया। दुकानदार व सर्विस सेंटर वाले उसे टरकाते रहे। इस पर पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली।
गुरुवार को उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष जिष्णुकांत व सदस्य रामबाबू निषाद ने निर्णय लिया कि मोबाइल गारंटी पीरियड में था। साथ ही यह कंपनी की निर्माण संबंधी कमी है। लिहाजा कंपनी दोषपूर्ण मोबाइल की कीमत 2300 रुपये 15 अक्तूबर 2016 से 9 प्रतिशत ब्याज के साथ वादी को 30 दिन के भीतर भुगतान करें। साथ ही उसे दो हजार रुपये अतिरिक्त वाद खर्च भी दें।