कालपी। दो दिन बाद यमुना का जलस्तर कम होने से जिंदगी कुछ हद तक ढर्रे पर लौटी है। जोंधर नाले में बने रपटे से पानी उतरने से आवागमन जरूर चालू हो गया है। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी के अनुसार फिलहाल अभी यमुना खतरे के निशान से काफी नीचे है। जिससे ग्रामीणों को भी राहत महसूस हुई है। अधिकारियों का कहना है कि राहत के इंतजाम तेजी से किए जा रहे हैं और प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट है।
बता दें कि पिछले एक सप्ताह से यमुना का जलस्तर तेजी से घट बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में यमुना का पानी 15 सेमी घटा है। जिससे जोंधर रपटे का पानी उतर गया है और आवागमन चालू हो गया है। तलहटी के किनारे बसे लगभग दो दर्जन से अधिक गांव के लोगों के सिर से बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।
ग्रामीण अपनी गृहस्थी का सामान सहित ऊंचाई वाले स्थानों पर बसने लगे हैं। सबसे ज्यादा मुसीबत कच्चे मकान वालों को है लगातार हो रही बारिश से कच्चे मकानों के गिरने की भी आशंका बनी हुई है। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी भागीरथी प्रसाद व ज्ञान सिंह ने बताया कि प्रति घंटे यमुना का जलस्तर लिया जा रहा है। बारिश और बांध का पानी छोड़े जाने से यमुना का जलस्तर भी घट बढ़ रहा है। इस समय यमुना का जलस्तर 100.39 मीटर पर है।
यमुना का जलस्तर गिरने से राहत के साथ चौकसी भी बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो