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बजा डंका, 29 को सहकारिता चुनाव का मतदान

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उरई। जिले में सहकारिता चुनाव का बिगुल बजते ही प्रशासन ने समितियों के चुनाव की तिथियों को घोषित कर दिया है। जिसमें 155 ग्राम समितियों में 29 जनवरी को चुनाव होंगे वहीं ब्लाक स्तरीय संघ व क्रय विक्रय के चुनाव की तिथियों को भी घोषित कर दिया है। इसके साथ ही विभाग ने सभी समितियों में चुनाव के लिए आरक्षण सूची भी जारी कर दी है। चुनाव घोषित होते ही दावेदारों ने चुनाव के लिए गणित बैठानी शुरू क र दी है।
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बताते चले कि प्रदेश में समितियों का कार्यकाल पूरा होने के बाद दो बार चुनाव किसी न किसी वजह से टाल दिया गया। अक्टूबर माह में सहकारिता चुनाव कराए जाने को लेकर अटकलें तेज हुई थीं, कई दावेदार चुनावी गणित में भी लग गए थे, लेकिन पालिका चुनाव की वजह से एक बार फिर इन चुनावों को टाल दिया गया था, लेकिन दिसंबर माह में सहकारिता चुनाव को लेकर तिथियों का निर्धारण कर दिया था।

प्रदेश सरकार ने सहकारिता चुनाव के लिए हरी झंडी मिलते ही जहां दावेदारों ने चुनाव के लिए अपनी दावेदारी तेज कर दी है तो वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने भी चुनाव को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली है। इसमें आरक्षण सूची, बकायेदार समितियों से वसूली, मतदाता सूची का प्रकाशन व आपत्तियों की तैयारी आदि प्रमुख है। इसमें से जिला प्रशासन ने चुनाव को लेकर 27 दिसंबर को जिले की 155 समितियों की आरक्षण सूची जारी कर दी है।
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जिला सहकारी प्रबंधक प्रेम चंद्र ने बताया कि जिले में अभी ग्रामीण समितियों, ब्लाक संघों व क्रय विक्रय के चुनाव की तिथियां घोषित हो चुकी हैं। हालांकि अभी जिले स्तर की समितियों पर चुनाव की तिथि घोषित नहीं हुई है, लेकिन उनका कहना है कि जल्द ही जनवरी के अंतिम सप्ताह तक जिला स्तरीय समितियों की भी चुनाव की तिथि आ जाएगी।


इस तरह होंगे समितियों के चुनाव
सहकारिता चुनाव के तहत जिले में 29 जनवरी पहले साधन सहकारी समितियों (किसान सेवा सहकारी समिति) के चुनाव होंगे। इसके बाद समिति के सदस्य मतदान कर नौ निदेशक का चुनाव करते हैं। फिर नौ निदेशक चुनाव का अध्यक्ष व सभापति, उप सभापति व उपाध्यक्ष का चुनाव करते है। इस तरह प्रबंध समिति का चुनाव होता है।

पहली बार चुनाव आयोग की होगी नजर
अब तक सहकारिता चुनाव को विशेष न मानते हुए सिर्फ जिलाधिकारी के निर्देश में चुनाव संपन्न होते थे, इस बार सहकारिता चुनाव में ऐसा नहीं होगा। अब चुनाव आयोग अपनी देख रेख मेेें चुनाव संपन्न कराएगा। इसे लेकर चुनाव की नियमावली भी सहकारिता विभाग में आ चुकी है।

45 दिन पुराना सदस्य ही कर सकेगा मतदान
सहकारिता अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग के नए निर्देश के अनुसार जिले में अब वही सदस्य मतदान कर सकेंगे। जिनका मतदान चुनाव की अधिसूचना से 45 दिन पुराना हो। इससे चुनाव में फर्जी मतदान पर काफी लगाम लगेगी। चुनाव को लेकर कई अध्यक्ष पद के दावेदार जीत सुनिश्चित करने के लिए चुनाव के पास आते ही सैकड़ों समर्थकों को मतदाता बना लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा।

121 रुपये से बनें सदस्य
सहकारिता चुनाव को लेकर अब 100 रुपये की जगह 121 रुपये की सदस्यता शुल्क कर दिया गया है। 121 रुपये जमा कर समितियों के क्षेत्र का निवासी मतदाता बन सकता है, लेकिन अगर चुनाव आयोग की गाइड लाइन के अनुसार सदस्य 45 दिन पुराना नहीं है तो वह इस चुनाव में न तो अपनी दावेदारी कर सकता है और न ही मतदान कर सकता है।

सात दिन में दर्ज कराएं आपत्तियां
सहकारिता अधिकारी प्रेम चंद्र ने बताया कि 27 दिसंबर को जिले की सभी ग्रामीण 155 समितियों पर आरक्षण जारी कर दिया गया है। इसमें आपत्ति के लिए सात दिन का समय दिया गया है। सात दिन बाद अंतिम सूुची का प्रकाशन किया जाएगा।
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- जिला प्रशासन ने जारी की आरक्षण सूची
- ब्लाक संघ में 16 फरवरी व क्रय विक्रय में छह मार्च को होंगे चुनाव
अमर उजाला ब्यूरो
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