राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत प्रीमियम को काट लिया गया, लेकिन बीमा
राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। बीमार राशि के भुगतान के लिए 12303
किसान परेशान हैं।
बेमौसम की बारिश से जिले के किसान कराह रहे हैं। फसल
बर्बादी की वजह से किसान आत्महत्या तक कर रहे हैं। इसके बाद भी बीमा
कंपनियां बीमित फसल का भुगतान नहीं कर रही है।
राज्य सरकार के निर्देश पर
50 फीसदी से अधिक फसलों के नुकसान पर प्रतिकर निर्धारण आदेश के तहत सरकारी
आंकलन हुआ। इसके तहत जिले में 6109 हेक्टेयर में खड़ी 8398 किसानों की चना
और अरहर की फसल को नुकसान होना बताया गया है।
इसके अलावा सरकारी सत्यापन
में गेहूं और जौ की फसल में 15 से 35 फीसदी क्षति का दावा किया गया। राज्य
सरकार की ओर से दैवीय आपदा कोष में दी गई एक करोड़ की राशि चना व अरहर
किसानों को बांट दी गई। लेकिन राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत फसलों को
बीमित कराने वाले रबी सीजन के 12303 गेहूं तथा सरसों के 126 किसानों को
बीमा कंपनी की ओर से क्षति पूति नहीं दी जा रही है।
बेमौसम
बारिश से नवीन की 5 बीघा जौ की फसल बर्बाद हो गई। फसल के लिए नवीन ने कर्ज
लिया था। फसल नुकसान पर सरकार मुआवजा दे रही है। मुआवजा लाभार्थी सूची में
नाम दर्ज कराने को नवीन एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। लेखपाल से भी
मिन्नत की तो जवाब दिया कि डीएम के पास जाओ।
मिश्रीपुर
के किसान प्रज्ञा भास्कर दुबे के नाम 4.5 बीघा जमीन है। इतनी ही जमीन
पुत्र प्रखर के नाम है। दोनों ने खेतों में गेहूं की फसल बोई थी। बारिश से
90 फीसदी फसल नष्ट हो गई। इतना ही नहीं किसान क्रेडिट कार्ड से 3200 रुपये
का प्रीमियम देकर फसल बीमित कराई है। क्षतिपूर्ति के नाम पर उन्हें धेला भी
नहीं मिला है।
फिलहाल
राष्ट्रीय कृषि योजना के तहत जिले में अनुबंधित आईसीआईसीआई-लोम्बार्ड कंपनी
गेहूं और चने के फसली नुकसान की प्रतिपूर्ति सरकारी रिपोर्ट के आधार पर
करेगी। बेमौसम बारिश से गेहूं की क्षति फसल का विशुद्ध आंकलन फसल कटान के
बाद ही निर्धारित करेगी।
बेमौसम
बारिश से क्षति की भरपाई राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत बीमित किसान को
प्रीमियम धनराशि के हिसाब से की जाएगी। हालांकि बीमित कंपनी की ओर से अब
तक क्षति पूर्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। नोडल अधिकारी/डीडी कृषि डॉ.
बनारसी यादव कहते हैं कि जल्द ही क्षतिपूर्ति की धनराशि वितरण की
प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
राष्ट्रीय
कृषि बीमा योजना के तहत नुकसान की जद में आए रबी सीजन के बीमित किसानों की
फसलों की क्षतिपूर्ति के भुगतान की प्रक्रिया कंपनी ने शुरू कर दी है।
बीमित किसानों को चिह्नित भी किया गया है। जल्द ही उन्हें क्षतिपूर्ति का
तात्कालिक भुगतान किया जाएगा। -दीपक कुमार, क्षेत्रीय जनसंपर्क अधिकारी, आईसीआईसीआई लोम्वार्ड।